Chhattisgarh EXIT POLL: छत्तीसगढ़ में भाजपा-कांग्रेस में कड़ी टक्कर, जानें किसकी बन रही सरकार

Chhattisgarh Exit Poll 2023|भारतीय जनता पार्टी को 41 फीसदी वोट मिल सकते हैं, जबकि कांग्रेस को उससे एक फीसदी अधिक 42 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है. एग्जिट पोल के मुताबिक, अन्य दलों को 17 फीसदी वोट मिल सकता है.

Chhattisgarh Assembly Election Exit Poll 2023|छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 का पहला एग्जिट पोल (Chhattisgarh Assembly Election Exit Poll) सामने आ गया है. एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर बताई जा रही है. हालांकि, एग्जिट पोल में कांग्रेस को भाजपा पर मामूली बढ़त मिलती दिख रही है. एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में भाजपा को 36 से 46 सीटें मिलतीं दिख रहीं हैं, जबकि कांग्रेस को 40 से 50 सीटें मिलने का अनुमान है. अन्य दलों को एक से पांच सीटें मिल सकतीं हैं. एग्जिट पोल में बताया गया है कि भारतीय जनता पार्टी को 41 फीसदी वोट मिल सकते हैं, जबकि कांग्रेस को उससे एक फीसदी अधिक 42 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है. एग्जिट पोल के मुताबिक, अन्य दलों को 17 फीसदी वोट मिल सकता है. छत्तीसगढ़ में कुल 90 विधानसभा सीट हैं. किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए 46 सीटों की जरूरत पड़ती है. वर्ष 2018 में कांग्रेस ने आसानी से सरकार बना ली थी. बीजेपी सिर्फ 15 सीट पर सिमटकर रह गई थी.

सीएनएक्स के एग्जिट पोल में कांग्रेस को बड़ी बढ़त

सीएनएक्स के एग्जिट पोल में कांग्रेस को अच्छी-खासी बढ़त मिलती दिख रही है. इसके मुताबिक, बीजेपी को 30 से 40 सीटें मिल सकतीं हैं, जबकि कांग्रेस को 46 से 56 सीटें मिलने का अनुमान है. अन्य दलों को सात से 10 सीटें मिलने का अनुमान है. मातृज के मुताबिक, बीजेपी को 32 से 42, कांग्रेस को 44 से 52 और अन्य को दो सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है. सी-वोटर ने कहा है कि बीजेपी को 90 में से 36 से 38 सीटें मिल सकतीं हैं, जबकि कांग्रेस को 41 से 53 सीटें और अन्य को चार सीटें मिलने का अनुमान है.

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किस क्षेत्र में किसको मिल रहा कितना वोट

सी वोटर के एग्जिट पोल में क्षेत्रवार भी परिणाम का अनुमान जारी किया है. इसके मुताबिक, उत्तर क्षेत्र में कुल 14 सीटें हैं, जहां बीजेपी को 44 फीसदी, कांग्रेस को 42 फीसदी और अन्य को 14 फीसदी सीटें मिलती दिख रहीं हैं. दक्षिणी क्षेत्र की 12 सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस को 43-43 फीसदी और अन्य को 14 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है.

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2018 में क्या था एग्जिट पोल का रिजल्ट?

बता दें कि वर्ष 2018 में आठ एग्जिट पोल हुए थे, जिसमें सिर्फ एक का रिजल्ट चुनाव परिणाम के आसपास रहा था. एक्सिस माई इंडिया ने बीजेपी को 26 और कांग्रेस को 60 सीटें मिलने का अनुमान जताया था. तब बीजेपी को 15 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि कांग्रेस ने 68 सीटें जीत ली थी. इसी साल सी वोटर ने बीजेपी को 39, तो कांग्रेस को 46 और अन्य दलों को चार सीट मिलने का अनुमान जताया था. न्यूज नेशन ने बीजेपी को 40 और कांग्रेस को 42 सीटें दीं थीं, जबकि अन्य को आठ सीटें मिलने की बात कही थी. जन की बात ने भी एग्जिट पोल किया था. उसने बीजेपी को 44, कांग्रेस को 40 और अन्य को छह सीटें मिलने का अनुमान जताया था. वहीं, इंडिया टीवी ने बीजेपी को 46, कांग्रेस को 35 और अन्य को 9 सीटें मिलने का अनुमान जताया था. न्यूजएक्स-नेता ने बीजेपी को 43, कांग्रेस को 40 और सात सीटें अन्य को मिलने का अनुमान था. टुडेज चाणक्य ने कांग्रेस को 50 सीटें मिलने का अनुमान जताया था, जबकि बीजेपी को 36 और अन्य को चार सीटें मिलने की बात कही थी.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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