PHOTOS: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण में देखते ही बन रहा है वोटर्स का उत्साह

छत्तीसगढ़ विधासभा चुनाव में वोटर्स का उत्साह देखते ही बन रहा है. युवा मतदाता से लेकर बुजुर्ग तक अपने-अपने मतदान केंद्र पहुंच रहे हैं. बुजुर्गों की मदद के लिए चुनाव आयोग ने खास इंतजाम किए हैं. तस्वीरों में देखें वोटर्स का उत्साह.

छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र के महापर्व का आगाज हो चुका है. पहले चरण की वोटिंग सुबह सात बजे से ही शुरू हो गई. इसमें मतदाताओं का जबर्दस्त उत्साह साफ देखा जा रहा है. सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी-लंबी कतारें लगीं हैं.

संगवारी मतदान केंद्रों पर पोलिंग पार्टी (मतदानकर्मियों) का गर्मजोशी से स्वागत किया गया. एक मतदान केंद्र पर महिला मतदानकर्मियों एवं पुलिस बल के जवान का तिलक लगाकर स्वागत हुआ. इससे पोलिंग पार्टी के सदस्यों के चेहरे खिल उठे.

पहले चरण में 20 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है. इनमें से 16 सीटें ऐसी हैं, जहां महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा हैं. यानी इन सीटों पर महिलाएं ही तय करेंगी कि विधानसभा क्षेत्र का अगला विधायक कौन बनेगा.

लोकतंत्र के इस उत्सव में अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं. मतदाताओं के लिए मतदान मित्र तैनात किए गए हैं. उनके स्वागत के लिए बाकायदा कार्पेट बिछाए गए हैं. मतदान केंद्र के बाहर कुर्सियां भी लगाई गई हैं, ताकि अगर लोग थक जाएं, तो वहां विश्राम कर सकें.

आदिवासी बहुल इलाकों में मतदाताओं का जोश देखते ही बन रहा है. सुबह से ही मतदान केंद्र के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगीं हैं. पुरुष और महिला वोटर्स के लिए अलग-अलग लाइन लगाई गई है. महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ मतदान करने के लिए पहुंचीं हैं.

छत्तीसगढ़ में चुनाव आयोग ने कई नई पहल भी की है. इस बार इको ग्रान आदर्श मतदान केंद्र बनाए गए हैं. ऊपर की तस्वीर चिवरांज की है. यह बस्तर संभाग के उत्तर बस्तर जिला के जनपद पंचायत कांकेर में पड़ता है, जहां ईको ग्रीन आदर्श मतदान केंद्र बनाया गया है.

विधानसभा चुनाव के दौरान बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैंप बनाए गए हैं. वोटर्स को मतदान केंद्र के अंदर जाने और मतदान करने के बाद वहां से बाहर आने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए स्काउट-गाइड को मतदाता मित्र के रूप में तैनात किया गया है. वे बुजुर्गों की मदद कर रहे हैं.

युवाओं के द्वारा संचालित मतदान केंद्र भी बनाए गए हैं. इसे विशेष रूप से बैलून से सजाया गया है. सेल्फी प्वाइंट हर मतदान केंद्र के बाहर बनाया गया है. सेल्फी प्वाइंट पर लोग मतदान करने के बाद सेल्फी ले रहे हैं और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट भी कर रहे हैं.

नक्सल प्रभावित जिले कांकेर में स्काउट-गाइड की मदद से बुजुर्गों को मतदान केंद्र तक पहुंचने और मतदान करने में सहूलियत हो रही है. स्काउट-गाइड को मतदान मित्र के रूप में तैनात किया गया है. स्कूलों में पढ़ रहे ये बच्चे लोकतंत्र के पर्व में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित कर रहें.

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में इस बुजुर्ग महिला को व्हीलचेयर से मतदान केंद्र के अंदर ले जाया गया और मतदान करने के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर भी लाया गया. महिला 100 साल की हैं और लोकतंत्र के उत्सव में अपनी भागीदारी निभा रहीं हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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