Chhath Puja 2023: यूपी-बिहार में छठ पूजा कब है? जानें नहाय-खाय, खरना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

1 / 1
Chhath Puja 2023: यूपी-बिहार में छठ पूजा कब है? जानें नहाय-खाय, खरना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
फुल स्क्रीन में देखें

Chhath Puja 2023: यूपी-बिहार में छठ पूजा कब है? जानें नहाय-खाय, खरना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Chhath Puja 2023: कार्तिक का महीना बेहद खास होता है. कार्तिक मास की शुरुआत 29 अक्टूबर दिन रविवार से हो रही है. कार्तिक मास में ही छठ का पर्व मनाया जाता है. छठ का पर्व चार दिन तक धूमधाम से मनाया जाता है. ये कठिन व्रत 36 घंटे का होता है, जो संतान के लिए रखा जाता है.

कार्तिक मास में करवा चौथ, धनतेरस, दिवाली, लोक आस्था का महापर्व छठ, देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह प्रमुख हैं. इस महीने में गंगा स्नान करने का भी विधान है. धार्मिक मान्यता है कि कार्तिक महीने में गंगा स्नान करने से साधक द्वारा अनजाने में किए सभी पाप कट जाते हैं.

छठ का पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू हो जाती है. छठ का महापर्व चतुर्थी तिथि पर नहाय खाय से शुरू होता है. पंचमी को खरना और षष्ठी को डूबते सूर्य को अर्घ्य और सप्तमी को उगते सूर्य को जल अर्पित कर व्रत संपन्न किया जाता है. इस दिन सूर्यदेव और छठी मैय्या की पूजा की जाती है.

इस साल छठ पूजा 17 नवंबर से शुरू होगी, इसका समापन 20 नवंबर 2023 को होगा. छठ पूजा में व्रत रखकर सूर्यदेव और छठी मैय्या की उपासना करने से संतान पर कभी कष्ट नहीं आता.

17 नवंबर 2023 को नहाय खाय: छठ पूजा की नहाय खाय परंपरा में व्रती नदी में स्नान कर नए वस्त्र धारण करते हैं. व्रती के भोजन ग्रहण करने के बाद ही घर के बाकी सदस्य भोजन ग्रहण करते हैं.

18 नवंबर 2023 को खरना: खरना के दिन व्रती एक समय मीठा भोजन करते हैं. इस दिन गु़ड़ से बनी चावल की खीर खाई जाती है. छठ पूजा का प्रसाद मिट्टी के नए चूल्हे पर आम की लकड़ी से आग जलाकर बनाया जाता है. इस प्रसाद को खाने के बाद व्रत शुरू हो जाता है.

19 नवंबर 2023 को डूबते सूर्य को अर्घ्य : छठ पूजा का तीसरा दिन बेहद खास होता है. इस दिन शाम को अस्तगामी सूर्य यानि डूबते सूरज को अर्घ्य दिया जाता है. टोकरी में फलों, ठेकुआ, चावल के लड्‌डू आदि अर्घ्य के सूप को सजाया जाता है. नदी या तालाब में कमर तक पानी में रहकर अर्घ्य दिया जाता है.

20 नवंबर 2023 को उगते सूर्य को अर्घ्य: चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं. इसके बाद ही 36 घंटे का व्रत समाप्त होता है. छठ पूजा में मन-तन की शुद्धता बहुत जरुरी है. अर्घ्य देने के बाद व्रती प्रसाद का सेवन करके व्रत का पारण करती हैं, इसके साथ ही छठ पर्व का समापन होता है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Radheshyam kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >