WB News: संदेशखाली में सीएपीएफ के जवानों की एक टुकड़ी तैनात, भाजपा ने ममता बनर्जी से मांगा इस्तीफा

गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल ‘जंगलराज’ का पर्याय बन चुका है, जहां कानून-व्यवस्था और लोकतंत्र खत्म हो गया है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का एक इतिहास रहा है. दो मई 2021 को राज्य विधानसभा चुनाव के परिणाम आये और उसी दिन हिंसा हुई.

राशन वितरण घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की टीम पर हुए हमले के बाद संदेशखाली में सीएपीएफ के जवानों की एक टुकड़ी को तैनात कर दिया गया है. वहीं, मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग की है. ईडी ने शुक्रवार को राज्य में करीब 15 जगहों में राजनीति से जुड़े लोगों, व्यवसायियों व अन्य के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. इस दौरान उत्तर 24 परगना के संदेशखाली स्थित सरबेड़िया क्षेत्र निवासी तृणमूल कांग्रेस के नेता, राशन डीलर व व्यवसायी शेख शाहजहां के आवास पर भी इडी अधिकारी व सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवान पहुंचे. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) के अधिकारियों पर हमले की एक घटना को लेकर शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस की कड़ी आलोचना की और कहा कि ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का हक नहीं है और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. भाजपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल ‘जंगलराज’ का पर्याय बन चुका है, जहां कानून-व्यवस्था और लोकतंत्र खत्म हो गया है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का एक इतिहास रहा है. दो मई 2021 को राज्य विधानसभा चुनाव के परिणाम आये और उसी दिन हिंसा हुई. हत्याएं हुईं, बलात्कार हुए और घरों को जला दिया गया, क्योंकि गुंडों को पता है कि उन्हें डरने की आवश्यकता नहीं है. उन्हें ममता बनर्जी का संरक्षण प्राप्त है. ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का हक नहीं है, उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए.

बंगाल में खत्म हो गया है लोकतंत्र : गौरव भाटिया

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जांच करने के लिए इडी के जो अधिकारी गये थे, उन पर तृणमूल कांग्रेस के ‘गुंडों व अवैध घुसपैठियों’ ने जानलेवा हमला किया है.उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है कि पश्चिम बंगाल ममता बनर्जी के राज में जंगलराज का पर्याय बन चुका है. यह चिंताजनक है कि बंगाल में कानून व्यवस्था ध्वस्त है. पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र खत्म हो गया है. श्री भाटिया ने कहा कि जब संविधान और वर्दी का रसूख न रहे, जब मुख्यमंत्री सुश्री बनर्जी कानून के साथ न खड़ी हों, बल्कि ‘गुंडों’ के साथ खड़ी हो जायें, तो ये कहना गलत नहीं होगा कि ममता सिर्फ सत्ता का सुख भोगना चाहतीं हैं.

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15 जगहों पर ईडी की टीम ने की छापेमारी

राशन वितरण घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने शुक्रवार को राज्य में करीब 15 जगहों में राजनीति से जुड़े लोगों, व्यवसायियों व अन्य के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. इस दौरान उत्तर 24 परगना के संदेशखाली स्थित सरबेड़िया क्षेत्र निवासी तृणमूल कांग्रेस के नेता, राशन डीलर व व्यवसायी शेख शाहजहां के आवास पर भी इडी अधिकारी व सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवान पहुंचे. यह देख तृणमूल नेता के समर्थक व स्थानीय लोग भड़क गये और उन्होंने उनपर हमला कर दिया. हमले में इडी के अधिकारी घायल भी हुए. सीएपीएफ के जवान के साथ भी मारपीट की गयी. घटना के बाद शाम को सरबेड़िया गांव के पास सीएपीएफ के जवानों की एक टुकड़ी तैनात की गयी है, जिसका नेतृत्व असिस्टेंट कमांडेंट पद के एक अधिकारी कर रहे हैं. घटना के बाद सीएपीएफ जवानों की तैनाती को लेकर यह संभावना जरूर है कि अभियान का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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