कलकत्ता हाईकोर्ट का निर्देश अवैध शिक्षकों को अगर बर्खास्त नहीं कर सकते तो आयोग को भंग कर देना चाहिए

पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाला मामला सुलझने की जगह उलझते जा रहा है. गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया है कि अगर अवैध तरीकें से की गई शिक्षकों की नियुक्ति को रद्द नहीं किया जा सकता है . ऐसे में पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग को ही भंग कर दिया जाना चाहिए.

पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाला मामला सुलझने की जगह उलझते जा रहा है. गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta high court) ने आयोग को निर्देश दिया है कि अगर अवैध तरीकें से की गई शिक्षकों की नियुक्ति को रद्द नहीं किया जा सकता है तो ऐसे में पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) को ही भंग कर दिया जाना चाहिए. आयोग ने तर्क दिया कि विचाराधीन शिक्षक तीन साल से अधिक समय से सेवा में हैं और उनके खिलाफ अब तक अपराध की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है. न्यायमूर्ति बसु ने आयोग से कहा कि अवैध नियुक्तियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. इस मामले को लेकर पुन: 10.30 बजे कोर्ट में सुनवाई होने की उम्मीद जताई जा रही है.

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अवैध रुप से नियुक्ति पाने वाले शिक्षक नहीं हो सकते

हाईकोर्ट का कहना है कि जिन लोगों ने नियुक्ति के लिए अवैध तरीका अपनाया है वह शिक्षक हो ही नहीं सकते है. अगर उन्हें रखा गया तो छात्रों को नुकसान होगा और बंगाल का भविष्य अंधकार में डूब जाएगा. इससे राज्य की शिक्षा को नुकसान नहीं होगा, बल्कि छात्रों के जीवन को नुकसान होगा. ग्रुप सी, ग्रुप डी के मामले में न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय द्वारा पारित बर्खास्तगी आदेश में संशोधन की मांग करते हुए आयोग द्वारा एक आवेदन दायर किया गया था . उस आवेदन के बारे में वकील बिकास रंजन भट्टाचार्य ने आज कोर्ट में उसका जिक्र किया.

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

हाईकोर्ट ने कल सुबह 10:30 बजे तक राज्य सरकार को सवाल जवाब के लिए तलब किया है. आखिरकार आयोग क्यों अवैध नियुक्तियों पर कार्रवाई नहीं कर रहा है. न्यायमूर्ति बिस्वजीत बोस ने कहा कि स्थिति अलग है जब सरकार का स्कूल सेवा आयोग पर कोई नियंत्रण नहीं है तो ऐसे में आयोग को भंग कर दिया जाना चाहिए. राज्य सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जा रहा है यह जवाब कोर्ट को देना होगा.

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By Shinki singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.
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