साल का तीसरा ग्रैंडस्लैम विंबलडन (Wimbledon 2021) शुरू हो चुका है. टूर्नामेंट के पहला दिन किसी खिलाड़ी के नाम नहीं बल्कि एक महिला वैज्ञानिक के नाम रहा. आप सोच रहे होंगे कि विंबलडन के ग्रास कोर्ट पर किसी महिला वैज्ञानिक ने टेनिस में हाथ आजमाया होगा पर ऐसा नहीं है. बिना कोर्ट पर उतरे ही कैमरे का फोकस महिला वैज्ञानिक सारा गिल्बर्ट पर रहा और उनके सम्मान में पूरा स्टेडियम खड़ा हो गया. बता दें कि जानी मानी वायरोलॉजिस्ट सारा गिल्बर्ट उन वैज्ञानिकों में से एक हैं जिनके बदौलत ही कोविड वैक्सीन बनी.
बता दें कि जानी मानी वायरोलॉजिस्ट सारा गिल्बर्ट ने ही ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका कोरोना वैक्सीन को डवलप किया है. सारा गिल्बर्ट जब विंबलडन देखने स्टेडियम पहुंची तो उनके सम्मान में खड़ा हो गया और तालियों की गड़गड़ाहट से स्टेडियम गूंज उठा. वहीं विंबलडन आयोजकों ने कहा कि आने वाले पखवाड़े के दौरान व्यक्तियों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने रॉयल बॉक्स में आमंत्रित किया है जिन्होंने महामारी के खिलाफ हमारी लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और टूर्नामेंट को संभव बनाया है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, उद्घोषक ने कहा, “आज उनमें ऐसे नेता शामिल हैं, जिन्होंने एंटी-कोविड वैक्सीन, एनएचएस विकसित किया है.” रॉयल बॉक्स में बैठे गिल्बर्ट विंबलडन के आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किए गए वीडियो में मुस्कुराते हुए नजर आ रही थीं. विंबलडन ने ट्वीट किया, “सेंटर कोर्ट में एक विशेष क्षण, कहते उन लोगों को धन्यवाद, जिन्होंने सीओवीआईडी -19 के खिलाफ इस लड़ाई में इतनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.” बता दें कि इस ग्रैंड स्लैम इवेंट में अन्य व्यक्तियों को भी आमंत्रित करने की योजना है, जिन्होंने कोरोनोवायरस बीमारी (कोविड -19) का मुकाबला करने में एक बड़ी भूमिका निभाई है. ऐसे लोगों को इस साल की चैंपियनशिप में रॉयल बॉक्स में बैठ कर टेनिस का एक्शन को देखने का मौका मिलेगा.
