झारखंड: एएसआई विजयकांत यादव सस्पेंड, रुपये लेते वीडियो हुआ था वायरल, गिरिडीह एसपी दीपक शर्मा ने लिया एक्शन

गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाने के सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) विजयकांत यादव का रुपये लेते वीडियो वायरल हुआ था. ये मामला गिरिडीह के एसपी दीपक शर्मा तक जा पहुंचा. एसपी दीपक शर्मा ने इस मामले की जांच की जिम्मेदारी एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह को दी. इन्होंने अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी.

गिरिडीह, मृणाल: झारखंड के गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) विजयकांत यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. पिछले दिनों विजयकांत का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह बेंगाबाद थाना परिसर के स्वागत कक्ष में पुलिस वर्दी में बैठा हुआ है और किसी व्यक्ति से पैसे ले रहा है. वह व्यक्ति उक्त पुलिस अधिकारी के बगल में बैठा हुआ है, जो काले बैग से निकाल कर पैसे दे रहा है. वीडियो वायरल होते ही एसपी दीपक शर्मा ने एक्शन लिया और सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) विजयकांत यादव को सस्पेंड कर दिया. एसपी दीपक शर्मा ने कहा है कि उपर्युक्त कृत्य पुलिस अधिकारी के भ्रष्ट आचरण, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और कर्तव्यहीनता को परिलक्षित करता है. पुलिस अधिकारी के इस कृत्य से पुलिस की छवि धूमिल हुई है.

एसडीपीओ ने जांच के बाद की थी कार्रवाई की अनुशंसा

गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाने के सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) विजयकांत यादव का रुपये लेते वीडियो वायरल हुआ था. ये मामला गिरिडीह के एसपी दीपक शर्मा तक जा पहुंचा. एसपी दीपक शर्मा ने इस मामले की जांच की जिम्मेदारी एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह को दी. एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह ने मामले की जांच की और जांच करने के बाद अपना प्रतिवेदन एसपी दीपक शर्मा को सौंपते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी.

Also Read: रांची: संकट मोचन हनुमान मंदिर की नयी कमेटी का महामंडलेश्वर सूर्य नारायण दास त्यागी ने किया विरोध, कही ये बात

एसपी बोले-इस कृत्य से पुलिस की छवि हुई धूमिल

एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह द्वारा वायरल वीडियो की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी दीपक कुमार शर्मा ने तुरंत एक्शन लिया और एएसआई विजयकांत यादव को निलंबित करने का आदेश दिया. आपको बता दें कि वे जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित रहेंगे और इस दौरान इनका मुख्यालय पुलिस केंद्र होगा. एसपी दीपक शर्मा ने कहा है कि उपर्युक्त कृत्य पुलिस अधिकारी के भ्रष्ट आचरण, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और कर्तव्यहीनता को परिलक्षित करता है. पुलिस अधिकारी के इस कृत्य से पुलिस की छवि धूमिल हुई है.

Also Read: झारखंड: रांची के सीयूजे, बीआईटी मेसरा, मारवाड़ी कॉलेज व लाला लाजपत राय स्कूल में कैसे मना हिन्दी दिवस?

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >