भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल में नगर निगम चुनाव के दौरान हुई हिंसा के विरोध में सोमवार को राज्य में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है. बंद के दौरान कुछ जगह से हिंसा की खबर आ रही है. एएनआई की खबर के अनुसार बंगाल के निकाय चुनावों में कथित हिंसा के खिलाफ बालुरघाट में विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ता और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हुई है.
भाजपा कार्यकर्ताओं की पिटाई
पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा है कि हमारे कार्यकर्ता शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे थे, उनकी पिटाई की जा रही है. पुलिस, टीएमसी के लिए कैडर की भूमिका निभा रही है. उन्होंने विधायकों को भी धक्का दिया. यह लोकतंत्र के खिलाफ है. आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में रविवार को 107 नगरपालिकाओं के लिए हुए चुनाव में हिंसा और अनियमितता के मामले सामने आये थे.
वाहनों की आवाजाही सामान्य
बंद के दौरान सोमवार सुबह राज्य में वाहनों की आवाजाही सामान्य रही और दक्षिण बंगाल में अधिकतर व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले रहे, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कुछ क्षेत्रों में रेलवे पटरियों और सड़कों को अवरुद्ध करने का काम किया. बताया जा रहा है कि भाजपा कार्यकर्ता हुगली स्टेशन पर रेलवे की पटरियों पर बैठ गए और पूर्व मेदिनीपुर जिले में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र में सड़कों को जाम किया.
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कुछ कार्यकर्ताओं ने सरकारी बसों को रोकने का किया प्रयास
खबरों की मानें तो भगवा पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने सरकारी बसों को रोकने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया. उत्तरी बंगाल में, बंद के आह्वान को अच्छी प्रतिक्रिया मिली..जहां अधिकतर दुकानें बंद रहीं और सड़कों से वाहन नदारद रहे। सरकारी बसें सड़क पर नजर आईं, लेकिन में यात्रियों की संख्या बेहद कम रही. निजी व्यावसायिक वाहनों के सड़कों से नदारद रहने से कार्यालय जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
धनखड़ ने राज्य के चुनाव आयुक्त से स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी
आपको बता दें कि भाजपा ने पिछले साल के विधानसभा चुनाव में उत्तरी बंगाल में अच्छा प्रदर्शन किया था. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल में नगर निगम चुनाव के दौरान हुई व्यापक हिंसा के विरोध में सोमवार को सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक बंद का आह्वान किया है. पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख ने इस हिंसा को ‘‘ लोकतंत्र की हत्या” करार दिया था. पुलिस ने दावा किया है कि चुनाव के दौरान कोई बड़ी हिंसा नहीं हुई थी, केवल ‘‘कुछ छिटपुट घटनाएं” हुईं थी. व्यापक हिंसा के आरोपों से नाराज राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य के चुनाव आयुक्त सौरभ दास से सोमवार को स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है.
भाषा इनपुट के साथ
