कोलकाताः ममता बनर्जी जब मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहीं थीं, उसी समय भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा की अगुवाई में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बंगाल में हिंसा की राजनीति को खत्म करने के लिए काम करते रहने का संकल्प लिया. बुधवार (5 मई) को कोलकाता में भाजपा कार्यालय में जेपी नड्डा ने कहा कि उनकी पार्टी जिन लोगों पर राज्य की जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही लोग हिंसा कर रहे हैं.
श्री नड्डा ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे लोग शपथ ले सकते हैं. लोकतंत्र में सबको शपथ लेने का अधिकार है. लेकिन, हम आज यह भी शपथ लेते हैं कि हम बंगाल से राजनीतिक हिंसा का खात्मा करके रहेंगे. हम शपथ लेते हैं कि हम अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते रहेंगे. नड्डा ने पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को संविधान की रक्षा की शपथ दिलायी. श्री नड्डा ने कहा कि हम जनादेश को सहर्ष स्वीकार करते हैं.
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की अहम भूमिका होती है. भारतीय जनता पार्टी विपक्ष की उस भूमिका को निभाती रहेगी. श्री नड्डा ने कहा कि हमने बंगाल में राजनीतिक हिंसा, तुष्टिकरण और उत्पीड़न के खिलाफ लड़ाई लड़ी. हमने अब तक अपनी जिम्मेदारी निभायी है. आगे भी अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे. बंगाल चुनाव 2021 में भारतीय जनता पार्टी मुख्य विपक्षी पार्टी के रूप में उभरी है. उसे 77 विधानसभा सीटों पर जीत मिली है, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने 213 सीटें जीतीं हैं.
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भाजपा को 2,28,50,710 वोट मिले हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 2,87,35,420 वोट प्राप्त हुए हैं. इस चुनाव में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की अगुवाई वाली वाम मोर्चा सरकार का पूरी तरह सफाया हो गया है. उसके साथ-साथ देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस का भी सूपड़ा साफ हो गया है. दोनों पार्टियों में से किसी भी दल को एक भी सीट नहीं मिली है. हालांकि, कांग्रेस-लेफ्ट के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रहे इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आइएसएफ) ने एक सीट जीतने में सफलता हासिल की है.
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ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल को एकतरफा जीत मिली है. चुनाव परिणाम आने के बाद से राज्य में बड़े पैमाने पर राजनीतिक हिंसा शुरू हो गयी है. अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. सैकड़ों लोगों को अपना गांव छोड़कर पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा है. बंगाल प्रदेश भाजपा ने गांवों से पलायन करने वाले पार्टी समर्थकों और कार्यकर्ताओं के कोलकाता में रहने के इंतजाम करने की बात कही है. हालांकि, शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.
ममता बनर्जी ने राजभवन में राज्यपाल जगदीप धनखड़ और अन्य मेहमानों की मौजूदगी में ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि हिंसा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी. जगदीप धनखड़ ने उन्हें नसीहत दी कि राज्य में कानून का राज होना चाहिए, तो ममता ने कहा कि अभी उन्होंने शपथ ली है. इस वक्त राज्य की बागडोर चुनाव आयोग के हाथ में है. प्रशासन की जिम्मेदारी संभालने के बाद वह हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेंगी.
चुनाव परिणाम आने के बाद से जारी हिंसा से क्षुब्ध बीजेपी ने ममता बनर्जी के शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया. बीजेपी के केंद्रीय महामंत्री और प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट किया- अभी कोलकाता के भाजपा हेस्टिंग्स कार्यालय में भाजपा विधायकों ने बंगाल में हो रही हिंसा की राजनीति के खिलाफ और गणतंत्र की स्थापना के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी की उपस्थिति में शपथ ली.
ज्ञात हो कि मतगणना के बाद बीजेपी के 11 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गयी है. भाजपा ने हिंसा के खिलाफ धरना देने की घोषणा की थी, लेकिन बीजेपी का आरोप है कि मुरलीधर लेन स्थित बीजेपी के कार्यालय के समक्ष बनाये गये धरनास्थल को पुलिस ने तोड़ दिया. हेस्टिंग्स स्थित पार्टी कार्यालय में धरने की तैयारी की गयी, लेकिन पुलिस ने इसकी भी अनुमति नहीं दी. हेस्टिंग्स में नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को संविधान रक्षा की शपथ दिलाने के बाद जेपी नड्डा पीड़ित परिवारों से मिलने उत्तर 24 परगना गये.
जेपी नड्डा ने कहा कि हम अपनी जिम्मेदारी निभायेंगे. जनादेश को सहर्ष स्वीकार करते हुए अपनी भूमिका का पालन करेंगे. साथ ही राजनीतिक हिंसा, तुष्टिकरण, तानाशाही के खिलाफ लड़ाई भी जारी रखेंगे. अपनी इस जिम्मेदारी को निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव परिणाम आया है, हिंसा का तांडव चला है. संविधान की रक्षा करते हुए सबका साथ, सबका विश्वास हासिल करेंगे.
Posted By : Mithilesh Jha
