सांसद वरुण गांधी पीलीभीत की जनता से बोले- खुद को गिरवी रखने की जरूरत नहीं, वोट दें मगर भेड़चाल से करें परहेज

सांसद वरुण गांधी ने कहा कि अगर मैं गलती कर रहा हूं, तो आप हां में हां नहीं मिलाएं, मुझसे भी सवाल करें, जो भी करें अपने चैतन्य से करें. अपना विवेक इस्तेमाल करें. हमारा पीलीभीत लोकसभा का रिश्ता एक पवित्र संगम की तरह है.

Bareilly News: पीलीभीत लोकसभा से भाजपा (BJP) सांसद वरुण गांधी (Varun Gandhi) ने गांधी परिवार के विरोधियों पर तंज कसा. उन्होंने यहां अपने संसदीय क्षेत्र पीलीभीत (Pilibhit) में कहा कि मीठी-मीठी बातों में वोट देने की जरूरत नहीं है. वोट काफी सोच समझकर दें. भेड़ चाल जैसा काम न करें. खुद का दिमाग लगाएं.

सांसद वरुण गांधी ने उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में जनसंवाद कार्यक्रम में कहा कि आप लोग अपने आपको गिरवी न रखे. कोई आए और नारे बोल दे, आप उसे वोट दे दें, ऐसा न करें. अगर, आपने ऐसा किया, तो आपकी गिनती भी वैसी होगी जैसे मनुष्य सिर्फ एक संख्या है. सांसद ने कहा कि मैं नहीं चाहता हूं कि आप संख्या बनें. मैं चाहता हूं कि हर एक व्यक्ति की अपनी पहचान हो, उसकी एक सोच हो, एक समाज हो.

पीलीभीत से गहरा रिश्ता

सांसद वरुण गांधी ने कहा कि अगर मैं गलती कर रहा हूं, तो आप हां में हां नहीं मिलाएं, मुझसे भी सवाल करें, जो भी करें अपने चैतन्य से करें. अपना विवेक इस्तेमाल करें. किसी को गिरवी मत रखो. उन्होंने कहा कि यह गांव बहुत बड़ा तो नहीं है. लेकिन, इस गांव का दिल एक समुद्र से भी ज्यादा बड़ा है. मैं इतना ही कहना चाहता हूं कि हमारा पीलीभीत लोकसभा का रिश्ता एक पवित्र संगम की तरह है. हम जहां भी जाते हैं, तो लोग हमसे पूछते हैं कि पीलीभीत कैसा है. पीलीभीत के लोग कैसे हैं. यह पहचान दिलाने के लिए यहां जितने भी लोग बैठे हैं, सबका योगदान है.

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उन्होंने कहा कि मुझे और मेरे परिवार को खड़ा करने के लिए आप सभी का काफी योगदान है. इसलिए मैं भी आपके लिए हमेशा तत्पर हूं. आपको कहीं भी किसी भी प्रकार की जरूरत हो बताएं. मेरी मां ने 30 साल सेवा की, मैं भी सेवा कर रहा हूं, लेकिन परिवार की तरह.

सांसद ने सुनाई राजा और गायक की कहानी

सांसद वरुण गांधी ने जनसंवाद कार्यक्रम में राजा और गायक की कहानी सुनाकर विरोधियों पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि राजा के पास एक गायक आया और बहुत सुंदर गीत सुनाया. इस पर राजा ने उसे एक बीघा जमीन देने की घोषणा कर दी. इस पर गायक को लालच आ गया और उसने कई गाने सुनाये. गायक जैसे-जैसे गीत सुनाता गया राजा ने सोना, जमीन, महल आदि देने की घोषणा कर दी. गायक काफी खुश हुआ और घर जाकर पत्नी को सारी बातें बताई.

इस पर गायक की पत्नी भी खुश हो गई. काफी दिन बाद भी जब इनाम नहीं मिला, तो गायक राजा के पास गया और इनाम के बारे में पूछा. इस पर राजा ने कहा किस बात का उपहार, आपने हमारे कान खुश किए, हमने आपके कान खुश कर दिए. इसमें लेनदेन की बात कहा से आ गई.

सांसद वरुण गांधी ने कहा कि गांधी परिवार उस किस्म का नहीं है, जो आपको मीठी-मीठी बातें बताकर आपका वोट चोरी कर ले. सांसद ने कहा मैं भले कड़वी बात बोलू, लेकिन बोलूंगा हमेशा सच. मैं वह व्यक्ति नहीं हूं, जो केवल झूठा ड्रामा करके आपका वोट लेकर चला जाऊं. सांसद का खमरिया पुल पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया. उन्होंने नगर क्षेत्र के राजघाट पार्क, कृष्णा लोक और मरौरी ब्लॉक के पीराताल में पौधारोपण कार्यक्रम में फलदार पौधे लगाए.

सांसद ने बेरोजगारी का उठाया मुद्दा

एमपी वरुण गांधी ने बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कब तक हमारे बच्चे पलायन कर ईंट भट्ठे पर काम करेंगे. सरकार को इस पर सोचना चाहिए. बड़े-बड़े शहरों, बड़े-बड़े नगरों में रोजगार हैं. लेकिन, ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसा कुछ नहीं है. सरकार को उद्योगपतियों से निवेदन करना चाहिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में कारखाने लगाए, ताकि यहां के लोगों को काम मिले,लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है.

सिखों ने देश के लिए दिया बलिदान

सांसद ने सिखों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने देश के लिए काफी बलिदान दिए हैं, अपना खून बहाया. लेकिन, दुःख होता है, जब उनको अपने अनाज की सुरक्षा के लिए कई जान गंवानी पड़ी. वरुण गांधी ने कहा कि इसे लेकर उन्होंने आवाज उठाई. आप लोगों ने मुझे संसद इसलिए भेजा था, ताकि मैं आपकी लड़ाई लड़ सकूं.

रिपोर्ट- मोहम्मद साजिद, बरेली

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लेखक के बारे में

By Sanjay Singh

working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.

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