अस्पताल में महिला मरीज की मौत, परिजनों ने जमकर काटा बवाल

सहरसा : बिहार में गुरुवार को सहरसा जिला अंतर्गत सिमरी बख्तियारपुर के अनुमंडलीय अस्पताल में एक सर्पदंश की शिकार मरीज की मौत के बाद डॉक्टरों द्वारा लापरवाही बरतने का आरोप लगा परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की. जानकारी मुताबिक सिमरी बख्तियारपुर अंतर्गत सिमरी पंचायत के द्वारिका टोला वार्ड संख्या 14 निवासी स्व मो जलील की पुत्री जशिमा खातून (35) गुरुवार को सिमरी के बहियार में घास काटने गयी थी. घास लेकर घर पहुंचने के उपरांत अचानक तबीयत खराब होने लगी. जिसके बाद आनन-फानन में परिजनों द्वारा महिला को सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडलीय अस्पताल लाया.

सहरसा : बिहार में गुरुवार को सहरसा जिला अंतर्गत सिमरी बख्तियारपुर के अनुमंडलीय अस्पताल में एक सर्पदंश की शिकार मरीज की मौत के बाद डॉक्टरों द्वारा लापरवाही बरतने का आरोप लगा परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की. जानकारी मुताबिक सिमरी बख्तियारपुर अंतर्गत सिमरी पंचायत के द्वारिका टोला वार्ड संख्या 14 निवासी स्व मो जलील की पुत्री जशिमा खातून (35) गुरुवार को सिमरी के बहियार में घास काटने गयी थी. घास लेकर घर पहुंचने के उपरांत अचानक तबीयत खराब होने लगी. जिसके बाद आनन-फानन में परिजनों द्वारा महिला को सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडलीय अस्पताल लाया.

अस्पताल पहुंचने के उपरांत जब महिला के परिजनों ने चिकित्सकों की खोज शुरू की तो चिकित्सक नदारद दिखे. काफी देर बाद बाद चिकित्सक पहुंचे तो मरीज को देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया. जिसके बाद परिजन आक्रोशित हो गये. इसके बाद परिजनों ने डॉक्टर की लापरवाही को महिला की मौत के लिए जिम्मेदार बताया. परिजनों ने बताया कि अस्पताल लाने पर महिला जीवित थी. लेकिन, डॉक्टरों के उपलब्ध ना रहने के कारण महिला की मौत हो गयी. वही महिला की मौत के बाद ग्रामीणों ने शव को अस्पताल के बरामदे पर रख दिया.

घटना की सूचना पर राजद के प्रखंड अध्यक्ष हैलाल असरफ, जाप नेता पुनपुन यादव ने अस्पताल पहुंच परिजनों से बात की. जिसके बाद शव के पास बैठकर जाप नेता पुनपुन यादव ने प्रदर्शन किया और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारी मौत के जिम्मेवार पर कार्रवाई और मुआवजा देने की मांग कर रहे थे. इस दौरान अस्पताल उपाधीक्षक डॉ एनके सिन्हा के पर कार्रवाई की मांग की गयी.

मौके पर मौजूद जाप नेता पुनपुन यादव ने बताया, अस्पताल की लापरवाही से महिला की मौत हो गयी.अस्पताल के डॉक्टर यदि सजग रहकर इलाज करते तो आज महिला जिंदा रहती. वही घटना की सूचना पर बख्तियारपुर पुलिस के एएसआइ जितेंद्र पांडेय ने दलबल के साथ मौके पर पहुंच कर आक्रोशित लोगों को शांत कराया. उधर, इस संबंध में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ एनके सिन्हा ने बताया कि मरीज की मौत अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही हो गयी थी. अस्पताल पर लगाया गया आरोप गलत है.

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Posted by Samir Kumar

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