हल्द्वानी हिंसा पर बड़ा अपडेट, 4 दिन पहले ही इंटेलिजेंस ने किया था अलर्ट, विरोध प्रदर्शन की थी तैयारी

Haldwani Violence: उत्तराखंड के हल्द्वानी में हिंसा के बाद बड़ा अपडेट सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक इंटेलिजेंस ने घटना के पहले ही ऐसी किसी घटना को लेकर अलर्ट किया था. इंटेलिजेंस ने पहले ही आगाह कर दिया था कि हल्द्वानी में विरोध प्रदर्शन की पहले से तैयारी चल रही है.

Haldwani Violence: उत्तराखंड के हिंसाग्रस्त हल्द्वानी शहर के बाहरी इलाकों से कर्फ्यू हटा लिया गया है लेकिन बनभूलपुरा क्षेत्र में यह लागू रहेगा जहां गुरुवार को एक अवैध मदरसा और धार्मिक स्थल तोड़े जाने के बाद भीड़ आगजनी और तोड़फोड़ की थी. हिंसा के बाद आज यानी शनिवार को शहर के बाहरी इलाकों की दुकानें खुली, लेकिन स्कूलों को फिलहाल बंद रखा गया है. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एपी अंशुमन अभी हल्द्वानी में ही है. उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाके में लगातार गश्त की जा रही है. पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.

हिंसा मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एपी अंशुमन ने कहा कि गुरुवार की हिंसा में शामिल पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वहीं मामले को लेकर तीन एफआईआर दर्ज की गयी हैं. एसएसपी नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा ने भी कहा कि अब तक तीन FIR दर्ज की गई हैं और 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि पुलिस मामले में बाकी आरोपियों की पहचान कर रही है. हम अब्दुल मलिक की तलाश कर रहे हैं, जो इस मामले में एक नामित आरोपी है. वहीं, पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं. एडीजी ने कहा कि बनभूलपुरा इलाके में कर्फ्यू अभी लागू है. हालांकि, निवासियों को समय-समय पर आवश्यक सामान खरीदने की अनुमति दी जा रही है.

किसी भी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा- सीएम धामी

वहीं, हल्द्वानी घटना को लेकर उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि कानून तोड़ने के लिए जो भी जिम्मेदार है, उसे बख्शा नहीं जाएगा. दंगा करने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा. सीएम धामी ने कहा कि जल्द ही उन्हें एहसास होगा कि उन्होंने आग से खेलने की कोशिश की है. हम राज्य के विभिन्न हिस्सों से अतिक्रमण हटाने की कोशिश कर रहे हैं.

वहीं, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बनभूलपुरा हिंसा से पहले ही इंटेलिजेंस  ने अलर्ट किया था. रिपोर्ट के मुताबिक इंटेलिजेंस घटना के चार दिन पहले अलर्ट करते हुए  हिंसा होने की आशंका जतायी थी. इंटेलिजेंस ने पूर्व सूचना देते हुए कहा था कि मदरसे और धार्मिक स्थल को हटाने की कार्रवाई को लेकर अब्दुल मालिक के साथ अन्य संगठन विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं. गौरतलब है कि हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में बीते गुरुवार को अवैध मदरसा तोड़े जाने के बाद हिंसा भड़क गई थी जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरे इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया था. 

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Author: Pritish Sahay

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