Best IAS Officers in India: ये हैं भारत के बेस्ट आईएएस अधिकारी, ऐसे करते हैं देश की सेवा

Best IAS Officers in India: सरकार द्वारा हर साल लगभग 180 आईएएस अधिकारियों को सिविल सेवा में भर्ती किया जाता है. लगभग हर अभ्यर्थी चयनित होने पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के माध्यम से देश और अपने लोगों की सेवा करने का सपना देखता है. यह लेख भारत के शीर्ष आईएएस अधिकारियों की कहानियाँ प्रस्तुत करता है.

आईएएस आर्मस्ट्रांग पामे आर्मस्ट्रांग पामे

2010 बैच के आईएएस अधिकारी आर्मस्ट्रांग पामे को “मिरेकल मैन” के रूप में जाना जाता है. श्री पामे नागा लोगों के ज़ेमे जनजाति के पहले आईएएस अधिकारी हैं. मूल रूप से मणिपुर के तामेंगलोंग जिले से, आर्मस्ट्रांग पामे जिन्होंने मणिपुर को नागालैंड और असम से जोड़ने वाली 100 किमी लंबी सड़क का निर्माण करवाया हैं, जिसे “पीपुल्स रोड” के रूप में जाना जाता है.

आईएएस अधिकारी अरुणा सुंदरराजन

केरल कैडर की इस आईएएस अधिकारी को फोर्ब्स पत्रिका ने ‘एक बिजनेसवुमन की तरह सोचने वाली आईएएस अधिकारी’ के रूप में वर्णित किया था. आईटी सचिव के रूप में उन्होंने केरल में ई-गवर्नेंस के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

आईएएस अधिकारी हरि चंदना दासारी

तेलंगाना कैडर की आईएएस अधिकारी, हरि चंदना दसारी को हैदराबाद में उनकी ‘हरित क्रांति’ के लिए जाना जाता है, जहां उन्होंने कई प्लास्टिक रीसाइक्लिंग पहल शुरू कीं, जिससे शहर को कई प्रशंसाएं मिलीं.

दुर्गा शक्ति नागपाल

इस महिला अधिकारी ने 2009 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 20वीं प्रभावशाली रैंक हासिल की थी. पंजाब कैडर में अपना करियर शुरू करने के बाद, एक प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी के रूप में, उन्होंने मोहाली में एक भूमि घोटाले का पर्दाफाश किया. वह 2011 में सदर, नोएडा की एसडीएम के रूप में यूपी कैडर में चली गईं. यहां उन्होंने यमुना और हिंडन नदी के तटों पर अवैध रेत खनन में शामिल रेत माफिया से लोहा लिया.

कृष्ण गोपाल तिवारी

यह आईएएस अधिकारी एक आदर्श स्थापित करता है और देश के हजारों दिव्यांगों को प्रेरणा प्रदान करता है. कृष्ण गोपाल तिवारी भारत के पहले दृष्टिबाधित कलेक्टर हैं और अब मध्य प्रदेश में उमरिया के जिला कलेक्टर हैं.

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Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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