बंगाली लेखक और पत्रकार निमाई भट्टाचार्य का 89 साल की उम्र में निधन

कोलकाता : विख्यात लेखक और पत्रकार निमाई भट्टाचार्य की गुरुवार को यहां मौत हो गयी. उम्र संबंधी बीमारियों की वजह से उनकी मौत हुई है. पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भट्टाचार्य की मौत दक्षिणी कोलकाता के टालीगंज क्षेत्र में दोपहर 12:10 बजे हो गयी. वह 89 वर्ष के थे और उनके परिवार में दो बेटे और तीन बेटियां हैं. उनकी पत्नी की मौत उनसे पहले हो चुकी है.

कोलकाता : विख्यात लेखक और पत्रकार निमाई भट्टाचार्य (Nimai Bhattacharya) की गुरुवार को यहां मौत हो गयी. उम्र संबंधी बीमारियों की वजह से उनकी मौत हुई है. पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भट्टाचार्य की मौत दक्षिणी कोलकाता (South Kolkata) के टालीगंज (Tollygunj) क्षेत्र में दोपहर 12:10 बजे हो गयी. वह 89 वर्ष के थे और उनके परिवार में दो बेटे और तीन बेटियां हैं. उनकी पत्नी की मौत उनसे पहले हो चुकी है.

भट्टाचार्य का जन्म मगुरू जिले में (मौजूदा समय में बांग्लादेश) हुआ था. उन्होंने ‘मेमसाहेब’, ‘डिप्लोमेट’, ‘मिनीबस’, ‘इंक्लाब’, ‘इमोन कल्याण’ जैसी 150 से ज्यादा किताबें लिखीं. मेमसाहेब की कहानी का इस्तेमाल उत्तम कुमार की मुख्य भूमिका वाली फिल्म में भी हुआ और यह फिल्म बेहद सफल रही.

भट्टाचार्य ने अपना जीवन पूरी तरह से लेखन को सौंपने से पहले पत्रकारिता भी की. वह कोलकाता और दिल्ली के बीच राजनीतिक घटनाक्रमों पर कई रिपोर्ट कर चुके हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके निधन पर शोक जताया. ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार को लेखक को बंग भूषण से नवाजे जाने पर गर्व है.

ममता बनर्जी ने कहा, ‘मैं प्रख्यात लेखक निमाई भट्टाचार्य के निधन से बेहद दुखी हूं. उनकी मौत ने साहित्यिक दुनिया में शून्य पैदा कर दिया है. भले ही भट्टाचार्य ने अपने करियर की शुरुआत पत्रकार के तौर पर की हो, लेकिन बाद में वह पूरी तरह से साहित्यिक दुनिया के हो गये. मैं उनकी मौत की खबर से दुखी हूं. मैं वर्षों से उन्हें जानती थी.’

Posted By : Mithilesh Jha

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