बंगाल के 3 भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, जुलाई में होगी निर्णायक सुनवाई

Supreme Court West Bengal BJP Murder Plea: सुप्रीम कोर्ट जुलाई में बंगाल के 3 भाजपा कार्यकर्ताओं (त्रिलोचन महतो, दुलाल कुमार और शक्तिपाद सरकार) की हत्या की याचिका पर सुनवाई करेगा. सत्ता परिवर्तन के बाद अब सीबीआई जांच और नये सिरे से न्याय की उम्मीद जगी है.

Supreme Court West Bengal BJP Murder Plea: पश्चिम बंगाल में सत्ता के बदलते ही अब पुरानी फाइलों और लंबित कानूनी मामलों में हलचल तेज हो गयी है. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह वर्ष 2018 के पंचायत चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 3 कार्यकर्ताओं की कथित हत्या से जुड़ी याचिका पर अब जुलाई 2026 में सुनवाई करेगा. जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ के सामने हुई इस सुनवाई में वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने राज्य में हुए ‘सत्ता परिवर्तन’ का हवाला देते हुए मामले को नयी दिशा देने की मांग की है.

सत्ता परिवर्तन के बाद बदली परिस्थितियों पर कोर्ट की नजर

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कई अहम टिप्पणियां कीं. कोर्ट ने क्या-क्या सवाल पूछे और उसके गौरव भाटिया ने क्या जवाब दिये, यहां पढ़ें.

  • क्या कुछ बदला है? : कोर्ट ने पूछा कि इस मामले में अब क्या बचा है, तो गौरव भाटिया ने दलील दी कि राज्य की परिस्थितियों में अब बड़ा बदलाव आ चुका है. 9 मई को शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने के बाद अब न्याय की उम्मीद जगी है.
  • सक्रिय कदम उठाएं : पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता को यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाने चाहिए कि चीजें अब सही दिशा में आगे बढ़ें.
  • जुलाई की तारीख मुकर्रर : कोर्ट ने याचिकाकर्ता के अनुरोध को स्वीकार करते हुए कहा कि अगली सुनवाई जुलाई में होगी.

इसे भी पढ़ें : शुभेंदु के करीबी चंद्रनाथ रथ की हत्या का खुलेगा राज, 3D स्कैनर लेकर मध्यमग्राम पहुंची CBI की टीम

त्रिलोचन, दुलाल और शक्तिपद की मौत से दहल गया था बंगाल

यह याचिका वर्ष 2018 की उन जघन्य हत्याओं से जुड़ी है, जिसने तत्कालीन ममता सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किये थे. क्या है इन तीन मौतों का मामला, जानें.

  • त्रिलोचन महतो : पुरुलिया के बलरामपुर में 18 साल के त्रिलोचन का शव पेड़ से लटका मिला था. उनकी पीठ पर एक धमकी भरा संदेश लिखा गया था.
  • दुलाल कुमार : पुरुलिया जिले में 32 वर्षीय दुलाल कुमार का शव बिजली के खंभे से लटका पाया गया था.
  • शक्तिपद सरकार : दक्षिण 24 परगना जिले में भाजपा के ब्लॉक अध्यक्ष शक्तिपद की घर लौटते समय बेरहमी से हत्या कर दी गयी थी.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

CBI जांच और क्लोजर रिपोर्ट पर फंसा है पेच

याचिकाकर्ता और मृतकों के परिजनों का आरोप है कि राज्य पुलिस ने इन मामलों में सही जांच नहीं की. भाटिया ने कोर्ट को बताया कि उस समय हुई 19 राजनीतिक हत्याओं में से 5 मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी गयी थी. मृतकों के परिजनों को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं, जिसके चलते उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से सीबीआई (CBI) जांच की गुहार लगायी थी.

इसे भी पढ़ें : बंगाल में 2021 की चुनावी हिंसा की फिर से जांच के आदेश, अवैध बूचड़खानों और खनन माफियाओं पर भी चलेगा हंटर

Supreme Court West Bengal BJP Murder Plea: नयी सरकार से न्याय की आस

अब जबकि पश्चिम बंगाल में भाजपा की पूर्ण बहुमत (207 सीट) वाली सरकार बन चुकी है, इन मामलों में नयी एफआईआर और निष्पक्ष जांच की संभावना बढ़ गयी है. जुलाई में होने वाली सुनवाई यह तय करेगी कि क्या इन 3 कार्यकर्ताओं की हत्या की जांच अब केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जायेगी या राज्य की पुलिस नये सिरे से इस राजनीतिक रंजिश का पर्दाफाश करेगी.

इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव और ‘खूनी’ विरासत : 20 साल से हर इलेक्शन में बहा लहू, डराने वाले हैं राजनीतिक हिंसा के ये आंकड़े

बलिदान को बेकार नहीं जाने देगी शुभेंदु सरकार

बंगाल के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि शुभेंदु सरकार अपने कार्यकर्ताओं के बलिदान को बेकार नहीं जाने देगी. अदालती कार्यवाही के जरिये दोषियों को सजा दिलाने के लिए पूरी ताकत झोंक देगी.

इसे भी पढ़ें

संदेशखाली में खूनी खेल, पुलिस और जवानों पर फायरिंग, थाना प्रभारी समेत 5 जख्मी, भारी मात्रा में बम-बारूद बरामद

कोलकाता में हिंसा पर पुलिस सख्त, अब तक 80 गिरफ्तार, पुलिस कमिश्नर बोले- विजय जुलूस में बुलडोजर लाये तो खैर नहीं

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >