पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव खत्म हो चुका है लेकिन हिंसा का खूनी खेल जारी है. एक बार फिर सत्तारूढ़ तृणमूल पर कोलकाता के एक गेस्ट हाउस से तीन विजयी भाजपा उम्मीदवारों और एक विजयी वाम उम्मीदवार का अपहरण करने का आरोप लगाया गया था . कथित तौर पर बंदूक की नोक पर चार लोगों का अपहरण कर लिया गया. इस घटना को लेकर सीपीएम के वरिष्ठ नेता कांति गंगोपाध्याय ने पंचसायर थाने में लिखित शिकायत दर्ज करायी है. सत्ता पक्ष ने इन आरोपें से इनकार किया है. उनके मुताबिक विपक्ष अपने उम्मीदवारों को बचा नहीं पा रही है. इसलिए तृणमूल पर अपहरण करने का झूठे आरोप लगाये जा रहे हैं.
ग्राम पंचायत में बोर्ड बनाने के लिए तृणमूल विपक्ष पर बना रही है दबाव
सीपीएम का आरोप है कि गुरुवार रात पंचसायर थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल के पास एक गेस्ट हाउस से तृणमूल समर्थकों ने चार विजयी उम्मीदवारों का अपहरण कर लिया. कांति ने आरोप लगाया कि मथुरापुर ब्लॉक के कृष्णचंद्रपुर ग्राम पंचायत में बोर्ड बनाने के लिए तृणमूल विपक्ष पर दबाव बना रही है. सत्ता पक्ष की धमकी के आगे न झुकते हुए विपक्ष के विजयी प्रत्याशियों ने मंगलवार की रात पंचसायर के गेस्ट हाउस में शरण ली. वहां से बंदूक की नोक पर उनका अपहरण कर लिया गया. सीपीएम नेता के मुताबिक उनके साथ मार-पीट भी की गई है. घटना की खबर मिलते ही मैंने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है.
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कृष्णचंद्रपुर ग्राम पंचायत में कुल 15 सीटें
कृष्णचंद्रपुर ग्राम पंचायत में कुल सीटें 15 हैं. इस पंचायत चुनाव में तृणमूल ने चार सीटें जीतीं. सीपीएम को तीन और बीजेपी को छह सीटें मिलीं. दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की. कांति ने आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवारों को सुरक्षा की मांग के लिए शुक्रवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना था . उससे पहले ही उनका अपहरण कर लिया गया. सीपीएम नेता ने आगे दावा किया कि उनका अपहरण तृणमूल समर्थकों ने ही करवाया है. गौरतलब है कि उन्हें मथुरापुर के ब्लॉक 1 में एक गेस्ट हाउस में रखा गया था.
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तृणमूल को बदनाम करने की कोशिश
इस शिकायत के मद्देनजर सुंदरबन सांगठनिक जिला युवा तृणमूल अध्यक्ष बापी हलदर ने कहा, कि विपक्ष झूठे आरोप लगा रहा है. वे अपने जीते हुए उम्मीदवारों को बरकरार नहीं रख पा रहे हैं. सत्ताधारी दल को क्या करना है ? तृणमूल अपहरण की राजनीति में विश्वास नहीं करती. हमें किसी का अपहरण करने की भी जरूरत नहीं है. अपने उम्मीदवारों को बरकरार रखने में असमर्थ होने के कारण वे तृणमूल के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं. तृणमूल को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है.
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पुलिस की ओर से नहीं हो रही कार्रवाई
सीपीएम के वरिष्ठ नेता कांति गंगोपाध्याय ने आरोप लगाया है कि थाने में शिकायत दर्ज करा दी गई है. लेकिन पुलिस की ओर से अब तक कोई कार्रवाई शुरु नहीं की गई है. तृणमूल का आदेश होगा तब कार्रवाई शुरु होगी.
