Janmashtami 2023: अद्भुत है गढ़वा का Bansidhar Mandir, ऐसी मूर्ति पूरे विश्व में नही है

Bansidhar Mandir: झारखंड की राजधानी रांची से करीब 250 किलोमीटर दूर गढ़वा के बंशीधर मंदिर की. यह मंदिर झारखंड यूपी सीमा पर नगर उंटारी जिसे हम बंशीधर नगर के नाम से भी जानते हैं वहां स्थित है. बंशीधर मंदिर में 32 मन (1280 किलो) शुद्ध सोने की भगवान कृष्ण की प्रतिमा है.

झारखंड यूपी सीमा पर नगर उंटारी जिसे हम बंशीधर नगर के नाम से भी जानते हैं वहां स्थित है. बंशीधर मंदिर में 32 मन (1280 किलो) शुद्ध सोने की भगवान कृष्ण की प्रतिमा है.twitter

क्या है मान्यता
कहा जाता है कि बंशीधर मंदिर में स्थापित भगवान कृष्ण की प्रतिमा( Statue of Lord Krishna) विश्व में ऐसी पहली प्रतिमा है जो ठोस 32 मन सोने की बनी हुई है. मंदिर संचालन समिति से जुड़े हुए धीरेंद्र चौबे ने बताया कि भगवान कृष्ण की आंखें अलौकिक हैं.

श्रीकृष्ण की आदमकद प्रतिमा करीब साढ़े चार फीट की है

आपको बता दे कि , श्रीकृष्ण की आदमकद प्रतिमा करीब साढ़े चार फीट की है.नगर उंटारी राजपरिवार के संरक्षण में यह मंदिर देश व विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है.वहीं स्थानीय लोगों के लिए आस्था व विश्वास का केंद्र बना हुआ है. श्री बंशीधर मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव वृंदावन की तर्ज पर बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है.श्री बंशीधर मंदिर में स्थापित प्रतिमा की अलौकिकता की व्याख्या सांकृत्यायन ने भी की है.

मुगल काल में पहाड़ पर छुपाई गई थी भगवान कृष्ण की प्रतिमा
ऐसी मान्यता है कि बंशीधर मंदिर में भगवान कृष्ण के दर्शन के बाद सारी मनोकामना पूर्ण होती है. बंशीधर मंदिर से जुड़ी यह भी कहानी है कि मुगल काल में आक्रमणकारियों से बचने के लिए किसी अज्ञात राजा ने मंदिर की इस प्रतिमा को छुपा दिया था.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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