आशा भोंसले डांसर भी बहुत अच्छी हैं, मेरे साथ उन्होंने जुगलबंदी की है... विश्वजीत चटर्जी ने बताया ये किस्सा

Asha Bhosle Birthday: हिंदी सिनेमा की मशहूर सिंगर आशा भोंसले आज पूरे 90 साल की हो गई है. वो सब भाषाओं में मिलाकर करीब 12 हजार गाने गा चुकी हैं. उन्होंने अपना पहला फिल्मी गीत "चला चला नव बाला" 1943 में मराठी फिल्म "माझा बल" के लिए गाया था.

Asha Bhosle Birthday: संगीत की लिविंग लीजेंड आशा भोंसले आज अपना 90 जन्मदिन मना रही हैं. 60 और 70 के दशक की फिल्मों के लोकप्रिय नायक विश्वजीत चटर्जी अपनी दोस्त और सहकर्मी आशा भोंसले को उनके इस जन्मदिन पर अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए उनसे जुड़े कई खास यादें शेयर की. उर्मिला कोरी से हुई बातचीत के प्रमुख अंश….

बीस साल बाद के प्रीमियर पर हुई थी थी पहली मुलाकात

मेरी पहली फिल्म बीस साल बाद थी. उस फिल्म का प्रीमियर मुंबई के लोटस सिनेमा हॉल में हुआ था. फिल्म देखते हुए देखता हूं कि मेरे एक तरफ आशा जी और एक तरफ लता मंगेशकर बैठी हुई हैं. फिल्म जैसे खत्म हुई लता जी मुझे डिनर पर अपने घर ले गयी. लोटस सिनेमा हाल वाली में था और उनका घर वहां से नजदीक था. आशा जी भी हमारे साथ थी. पहले दिन ही हमारी मुलाकात होने के बाद अच्छी बातचीत हो गयी. जिससे हम एक दूसरे के परिचित लोगों में से हो गए हैं. मैं बताना चाहूंगा कि उस फिल्म के म्यूजिक डायरेक्टर हेमंत कुमार थे. हेमंत दा को पूरा मंगेशकर परिवार बहुत पसंद करता था. उनकी आवाज हो या संगीत वे हमेशा उसकी प्रशंसा करते थे. यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि आशाजी अपने बेटे का नाम हेमंत, हेमंत दा के नाम पर ही रखा था.

आशाजी बहुत अच्छा डांस भी करती हैं

मेरी हिंदी फिल्मो में सबसे ज़्यादा संगीत ओ पी नैय्यर ने दिया है और ये बात सभी जानते हैं कि नैय्यर साहब की वो पसंदीदा गायिका रही थी. नैय्यर साहब उनके बिना रिकॉर्डिंग नहीं करते थे मुझे गीत-संगीत में बहुत रूचि है इसलिए फिल्म की शूटिंग से फ्री होकर या कभी ब्रेक मिल गया है, तो मैं नैय्यर साहब के महालक्ष्मी स्थित म्यूजिक स्टूडियो में पहुंच जाता था. वहां मुझे आशाजी अक्सर मिल जाती थी. कई बार वह मेरी ही किसी फिल्म की अभिनेत्री के लिए गानों की रिहर्सल कर रही होती थी. जिससे हमारी अच्छी दोस्ती हो गयी. एक बार ओ पी नैय्यर की जन्मदिन की मेरे साथ आशाजी ने डांस भी किया था. उस दिन मालूम पड़ा कि वह बहुत अच्छी डांसर भी हैं.

आशाजी केयर फ्री सिंगर हैं

आमतौर पर सिंगर ठंडा खाने से परहेज करते हैं या कई दूसरी चीज़ों को अपने आसपास से पूरी दूर पर रखते हैं. मुझे याद है कि कई बार लता जी के सामने कोई सिगरेट पी रहा हो तो वह उसे दूर खड़े रखने को कह देती थी. इसके साथ ही वह एक रुमाल पूरे समय तक अपने मुंह पर रखे रहती थी, लेकिन आशा भोंसले इस मामले में बेहद अलग रही हैं. वो बहुत ही वो बहुत केयर फ्री सिंगर हैं.उन्हें आसपास के माहौल से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है. लता जी कई बार गला थोड़ा ख़राब होने की वजह से रिकॉर्डिंग को कैंसिल कर देती थी, लेकिन आशाजी इस मामले में अलग हैं, उन्होने बोल दिया कि रिकॉर्डिंग में आएंगी तो फिर कुछ भी हो जाए. वो अपने समय पर आकर रिकॉर्डिंग करके जाती थी.

आशाजी के गले में एक वजन है

आशाजी और लता दीदी की प्रतिस्पर्धा की कहानी मैंने भी उस वक़्त बहुत सुनी थी, लेकिन सामने मैंने हमेशा आशा जी को लता दीदी का बेहद सम्मान करते देखा था. दोनों बहनों के आवाज़ की अपनी खासियत है. मुझे याद है एक बार जब मैंने ओ पी नैय्यर से यह बात पूछा था कि लताजी नंबर वन गायिका है. आप उनके बजाय आशाजी का चुनाव कैसे करते हैं.उन्होंने कहा कि आशा गले में एक वजन है, मौजूदा दौर के और किसी सिंगर में नहीं है. लता मंगेशकर का कंठ सबसे सुरीला है, लेकिन आशा के गले के वजन की अपनी खासियत है. मैंने भी समय के साथ इस बात को महसूस किया है. कुछ गाने ऐसे हैं, जिन्हे आशाजी ही गा सकती हैं, लता दीदी उसे उस तरह से नहीं गा पाती थी.

डायरेक्टर सिंगर हैं आशाजी

डायरेक्टर एक्टर ये शब्द हम सभी ने सुना है, लेकिन आशाजी डायरेक्टर सिंगर हैं. आमतौर पर सिंगर्स म्यूजिक कंपोजर से बात करके गाने की रिकॉर्डिंग करते हैं, लेकिन आशा जी म्यूजिक कंपोजर के साथ-साथ फिल्म के डायरेक्टर से भी बात करती हैं कि सिचुएशन क्या है. किस पर फिल्माया जा रहा है, फिल्म में उसकी मनोदशा क्या है.एक्ट्रेसेज का नाम भी पूछती हैं. उसके बाद वह गाने की रिकॉर्डिंग करती थी. मैंने उनसे उस बारे में एक बार पूछा था, तो उन्होंने कहा कि हमें भी एक्टिंग की करना होता है, लेकिन हम अपनी आवाज से वह करते हैं, सिचुएशन मालूम होती है तो आसानी होती है.

आशाजी ने मुझे हिंदी फिल्मों में गाने की दी थी सलाह

मैं उन खुशनसीब लोगों में से हूं, जिन्होंने आशाजी के साथ गाने का स्टेज भी शेयर किया है. मैं एक्टर के साथ-साथ सिंगर भी रहा हूं. हिंदी फिल्मों में मैं नायक था लेकिन बांग्ला फिल्मों में मैं गायक नायक रहा हूं. एक बार मोहम्मद रफ़ी की याद में उनके बेटे ने कॉन्सर्ट किया था. इसमें सिंगर के तौर पर मैं भी जुड़ा था. बर्मिघम में मैंने आशा जी के साथ स्टेज पर परफॉर्म किया था. उन्हें मेरी आवाज पसंद आयी कि उन्होंने कहा कि मुझे हिंदी में भी अपनी फिल्मों के गाने खुद गाने की सलाह दी. मेरे लिए ये कॉम्पलिमेंट था कि आशाजी को मेरी आवाज पसंद आयी.

जल्द ही साथ फिर काम करेंगे

अभी हाल ही में हमारी बात हुई थी. 90 साल की हो रही हैं, तो मैंने उन्हें विश किया. उन्होंने बताया कि दुबई में उनके जन्मदिन पर 8 सितम्बर से 12 सितम्बर तक एक गाने का प्रोग्राम है. उसके बाद वह मुझसे मिलेंगी. उन्होने मेरी बांग्ला फिल्मों में भी गाने गाए हैं जल्द ही एक प्रोजेक्ट पर फिर साथ में काम करने वाले हैं.

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Author: कोरी

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