EXCLUSIVE: बच्चन सर ने 14 मिनट का मोनोलॉग एक टेक में दे दिया था, शायद ही अब तक कोई एक्टर कर पाया हो-आनंद पंडित

इस शुक्रवार अमिताभ बच्चन स्टारर फ़िल्म चेहरे सिनेमाघरों में दस्तक देगी. फ़िल्म के निर्माता आनंद पंडित कहते हैं कि वे बहुत खुश हैं कि आखिरकार उनकी यह फ़िल्म सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही हैं. चेहरे फ़िल्म से जुड़ी कई खास बातों का खुलासा आनंद पंडित ने इस इंटरव्यू में किया.

इस शुक्रवार अमिताभ बच्चन स्टारर फ़िल्म चेहरे सिनेमाघरों में दस्तक देगी. फ़िल्म के निर्माता आनंद पंडित कहते हैं कि वे बहुत खुश हैं कि आखिरकार उनकी यह फ़िल्म सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही हैं. चेहरे फ़िल्म से जुड़ी कई खास बातों का खुलासा आनंद पंडित ने इस इंटरव्यू में किया. उर्मिला कोरी से हुई बातचीत…

खबरें हैं कि आपने बिग बी को चेहरे से नहीं बल्कि बिग बी ने आपको इस फ़िल्म से जोड़ा?

मैं काफी समय से सोच रहा था कि बच्चन साहब के साथ कोई थ्रिलर और सस्पेंस फ़िल्म किया जाए. मैं बहुत सारी स्क्रिप्ट देख रहा था लेकिन कोई जम नहीं रहा था. एक दिन बच्चन साहब का फ़ोन आया कि आनंद भाई मैंने एक स्क्रिप्ट पसंद की है. स्टोरी के साथ डायरेक्टर साहब भी साथ में हैं. मैं चाहता हूं कि आप इसे प्रोड्यूस करें तो मेरे लिए ये सोने पे सुहागा वाली बात हो गयी. मैंने तुरंत हां कह दिया.

मतलब बिना स्क्रिप्ट पढ़े ही आपने हां कह दिया?

हां, बच्चन साहब ने जब ओके कर दिया स्क्रिप्ट को तो मुझे नहीं लगता कि मुझे उसे रिजेक्ट करने या सवाल उठाने का हक था. आमतौर पर मैं दो तीन स्क्रिप्ट लेकर एक डायरेक्टर के पास जाता हूं. वो उसमें से एक स्टोरी चुनता है फिर हम उसे एक्टर के पास ले जाते हैं. वो कहता है कि ये अच्छा है वो नहीं. क्लाइमेक्स और अच्छा होना चाहिए तो ये मेरा पूरा प्रोसेस बच गया.

फ़िल्म की शूटिंग पोलैंड में हुई है शूटिंग का क्या प्रोसेस था और किस तरह की मुश्किलें आयी?

इस फ़िल्म का एक शेड्यूल मुम्बई में हुआ है एक दिल्ली में और एक स्लोवाकिया में हुआ है. ये स्लोवाकिया की पहली हिंदी फिल्म है. जिसको वहां शूटिंग की इजाज़त मिली हो. वहां शूटिंग की इजाज़त मिलना मुश्किल है क्योंकि घने जंगल हैं उसको वो संरक्षित रखते हैं तो ज़्यादातर शूट की इजाज़त नहीं देते हैं. हम लकी थे कि हमें शूटिंग की इजाज़त मिल गयी. कहानी के हिसाब से हिमाचल प्रदेश दिखाना था लेकिन उस वक़्त शिमला में ज़्यादा बर्फ नहीं थी इसलिए हमने सोचा इसको उठाकर यूरोप ले जाते है.

किसका आईडिया था यूरोप में शूट करने का?

मेरा ही आईडिया था. ये आउटडोर शूट था. बच्चन साहब के इंडिया में आउटडोर शूटिंग करना वैसे भी मुश्किल होता है. वहां पर हम जंगल में चले और आराम से वहां शूट हो गया हालांकि वहां भी बच्चन साहब के यूरोपियन फैंस आ गए थे लेकिन हमने मैनेज कर लिया. 12 दिन का हमारा पूरा शूटिंग शेड्यूल था.

चेहरे फ़िल्म का क्लाइमेक्स अमिताभ बच्चन ने लिखा है ऐसी खबरें आयी थी?

क्लाइमेक्स में अमिताभ बच्चन का 14 मिनट का मोनोलॉग है. उसे अमिताभ बच्चन सर ने लिखा है. दो दिन उन्हें इस मोनोलॉग को लिखने में लगा था. खास बात ये है कि चौदह मिनट का ये मोनोलॉग अमिताभ बच्चन ने एक टेक में ही दे दिया था. मुझे नहीं लगता कि किसी ने आज तक किया होगा.

रिया के फ़िल्म के पोस्टर में ना होने से काफी हंगामा हुआ था उस घटना पर क्या कहेंगे?

हमारी फ़िल्म में तकरीबन 8 किरदार हैं. पोस्टर पर किसको लाना है किसको नहीं लाना है. वो हमारे डायरेक्टर साहब की जिम्मेदारी है. उस वक़्त रिया की परेशानी पीक पर थी हम पोस्टर पर लाकर उसकी तकलीफ को बढ़ाना नहीं चाहते थे. अगर हम पोस्टर पर लाते तो भी लोग इल्जाम लगाते कि हमने अपनी फिल्म के लिए रिया का इस्तेमाल किया है. हमने रिया की सहमति के बाद ही फ़िल्म के पोस्टर औऱ टीजर में उनको लाया था.

फ़िल्म चेहरे की रिलीज काफी समय से टलती जा रही है ऐसे में क्या फ़िल्म का बजट बढ़ गया है?

हां बढ़ गया है लेकिन परेशानी तब होती इसमें कोई और प्रोड्यूसर होता है. बैंक या प्राइवेट फाइनेंस लेते हैं तो उसका ब्याज लगता है . मीटर चलता जाता है। मेरे केस में ऐसा नहीं है. मेरे ही पैसे लगे हैं तो मेरे लिए छह महीने या एक साल रुकना बड़ी बात नहीं है. वैसे यह एक जुए की तरह है तो कभी फायदा तो कभी नुकसान भी होगा.

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Author: कोरी

Published by: Prabhat Khabar

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