AI कैमरा काट रहा PUC चालान, बिना पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के चला रहे हैं गाड़ी, तो हो जाएं सावधान

दिल्ली में अब गाड़ियों से होनेवाले प्रदूषण (Pollution in Delhi) को रोकने के लिए एक नया तरीका निकाला गया है. दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) से लैस कैमरा (AI Camera) लगाये जा रहे हैं, जो इस बात की जांच करेंगे कि किस गाड़ी के नाम पॉल्यूशन सर्टिफिकेट है और किसके पास नहीं.

PUC Check with AI Camera : हमारे देश भारत की राजधानी दिल्ली की हवा (Air Quality Index) इतनी खराब हो गई है कि दुनियाभर में इसकी चर्चा हो रही है. सांस की समस्या से जूझ रहे लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे घर से कम ही बाहर निकलें. दिनोंदिन जानलेवा होती हवा की वजह से कई लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है. कई लोगों की आंखों में जलन हो रही है, तो कई लोगों को सर्दी और खांसी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस समस्या से निजात पाने के लिए सरकार ने कई तरह के इंतजाम कर रखे हैं. इन्हीं में से एक है गाड़ियों से उठनेवाले धुएं पर लगाम लगाने की कवायद.

किस गाड़ी के नाम वैलिड पॉल्यूशन सर्टिफिकेट है?

दिल्ली में स्मॉग (Smog in Delhi) के बढ़ने और पॉल्यूशन की रोकथाम के लिए सीएम अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) कई नये नियम लागू करते हैं. अब गाड़ियों से होनेवाले प्रदूषण को रोकने के लिए एक नया तरीका निकाला गया है. दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस कैमरा लगाये जा रहे हैं, जो इस बात की जांच करेंगे कि किस गाड़ी के नाम वैलिड पॉल्यूशन सर्टिफिकेट है और किसके पास नहीं.

Also Read: सीमेंट और छड़ के बिना भी बनते हैं मजबूत घर, यहां बिजली का बिल भी कम आएगा

SMS के जरिये वाहन मालिक को नोटिस

AI पावर्ड ये स्पेशल कैमरे वाहन के नंबर प्लेट को कैप्चर करते हैं और इसे अपने डेटाबेस के साथ क्रॉस-चेक करते हैं. यदि कोई वाहन बिना वैध PUC के इन कैमरों द्वारा कैद किया जाता है, तो उस वाहन के मालिक को दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा एसएमएस के जरिये एक नोटिस जारी किया जाएगा. वर्तमान में, विभाग केवल एसएमएस के जरिये उल्लंघनकर्ताओं को नोटिस भेज रहा है. वहीं, ई-चालान बनाने और उन्हें सीधे उन मालिकों को भेजने का काम भी चल रहा है.

AI-पावर्ड कैमरों की टेस्टिंग

दिल्ली सरकार पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पिछले दो महीनों से दिल्ली के चार लोकेशंस पर AI-पावर्ड कैमरों को टेस्ट कर रही है, जिनमें मॉडल टाउन, शास्त्री नगर, माॅल रोड और शाहदरा शामिल हैं. इन इलाकों में कुल चार पेट्रोल पंपों पर इन खास कैमरों को फिट किया गया है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इन कैमरों से पता चलता है कि पंपों में आने वाले 15-20 प्रतिशत वाहनों के पास वैध पीयूसी नहीं था.

Also Read: New Technology : ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस ने लकवाग्रस्त लोगों को ‘आवाज’ देने की जगाई उम्मीद, जानें क्या है तकनीक

कैसे काम करती है यह टेक्नोलॉजी?

पेट्रोल पंप पर लगा यह कैमरा एक कंटीन्यूअस इमेज सीक्वेंस यानी सतत छवि अनुक्रम कैप्चर करता है. इसके बाद इसकी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक इसके छोटे-छोटे फ्रेम तैयार कर उनमें एयर पार्टिक्युलेट मैटर के घनत्व का पता लगाते हैं. गाड़ी से छूटे धुएं में पार्टिक्युलेट मैटर का घनत्व अधिक होता है, कैमरा उसके नंबर प्लेट की तस्वीर लेकर अपने सर्वर में मौजूद उसकी डीटेल खंगाल कर उसके मालिक का पता लगाता है. इसके बाद सरकारी विभाग उसके मालिक के पते पर नोटिस या चालान भेजने की व्यवस्था करता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >