Agra News: दिवाली की आतिशबाजी के बाद बिगड़ी हवा की सेहत में सुधार नहीं हुआ है. यहां तक कि स्मॉग के कारण ताजमहल का दीदार भी मुश्किल हो गया है. ताजनगरी आगरा की आबोहवा भी खतरनाक स्तर पर बनी हुई है. जहरीली गैसों के कारण शहर में स्मॉग की चादर बिछी है. रविवार को भी ताजमहल के चारों तरफ स्मॉग की चादर दिखी. इससे ताजमहल देखने आए पर्यटकों को मायूसी हुई.
शनिवार को बाद रविवार को भी स्मॉग
प्रदूषण और धुंध के कारण शनिवार को ताजमहल को देखने के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ी. हालात ऐसे हुए कि सुबह में रेड सैंड स्टोन प्लेटफार्म से ताज नजर नहीं आया. रविवार को भी कुछ ऐसी ही स्थिति बनी रही. दोपहर में धूप निकलने के बाद स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ. सैलानियों की मानें तो सेंट्रल टैंक से ही ताजमहल को देखने में मदद मिली. शाम में ताजमहल के हालात जस के तस हो गए.
प्रदूषण को कम करना सबसे ज्यादा जरूरी
ताजनगरी में प्रदूषण का आंकड़ा खतरनाक स्थिति में बना हुआ है. शनिवार के बाद रविवार को भी आगरा रेड जोन में बना रहा. पर्यावरण विशेषज्ञों के मुताबिक तेज हवा चलने पर या तापमान बढ़ने के बाद एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) में सुधार हो सकता है. इसके लिए निर्माण कार्यों पर रोक लगाने के साथ ही ट्रैफिक जाम से मुक्ति, सड़कों की धूल कम करने के लिए पानी का छिड़काव करने की जरुरत है.
शनिवार को रिकॉर्ड सैलानियों ने देखा ताज…
स्मॉग की चादर ओढ़े ताजमहल के लिए अच्छी खबर भी है. कोरोना काल में ताज को देखने के लिए रिकॉर्ड सैलानी पहुंच रहे हैं. शनिवार को दिनभर 32,076 सैलानियों ने ताजमहल को देखा. स्मॉग के बावजूद सैलानियों में ताजमहल देखने का उत्साह कम नहीं हुआ है. रविवार को सुबह से ही ताजमहल देखने के लिए सैलानियों की भीड़ उमड़ पड़ी. दोपहर में सुबह से ज्यादा सैलानी ताजमहल देखने आए.
