गंगासागर मेले में 40 लाख से अधिक पुण्यार्थियों के पहुंचने की उम्मीद, सुरक्षा व्यवस्था में ली जाएगी इसरो की मदद

मुख्यमंत्री ने गंगासागर मेले को इको-फ्रेंडली और प्लास्टिक मुक्त बनाने पर जोर दिया. प्रशासनिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने दायित्व प्राप्त अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे गंगासागर मेले को इको-फ्रेंडली और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए हर संभव कदम उठाएं.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को नबान्न सभाघर में गंगासागर मेले की तैयारियों का जायजा लिया. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा कि गंगासागर मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए उनकी सरकार सभी तरह के कदम उठा रही है. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने सागरद्वीप पर इस वार्षिक मेले की तैयारियों का जायजा लिया. इस मेले के लिए देश और विदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां आते हैं और ‘मकर संक्राति’ के मौके पर गंगा व बंगाल की खाड़ी के संगम में डुबकी लगाते हैं. इस साल गंगासागर मेला आठ जनवरी से 17 जनवरी के बीच आयोजित किया जायेगा. सुश्री बनर्जी ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की मदद से जीपीएस और उपग्रह निगरानी के माध्यम से वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखी जायेगी.

https://www.youtube.com/watch?v=O6GbRZcZI3Q

  • जलयानों पर लगाये जायेंगे विशेष ट्रैकिंग डिवाइस, अस्पतालों में बेड आरक्षित रखने का भी आदेश

  • स्वास्थ्य विभाग को आपात स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश, 300 बेड का अस्थायी अस्पताल बनाया जायेगा

  • मेला परिसर में एयर एंबुलेंस, वाटर एंबुलेंस व 100 एंबुलेंस की तैनाती, अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने का निर्देश

8 से 17 जनवरी तक चलेगा मेला

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मेला के आयोजन से जुड़े सभी विभाग व संस्थाओं को जल्द से जल्द तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगासागर मेला आठ से 17 जनवरी तक चलेगा. लेकिन उन्होंने जिला प्रशासन व विभागों को दो जनवरी तक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार यहां 40 लाख से भी अधिक पुण्यार्थियों के पहुंचने की संभावना है, इसलिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने होंगे.

Also Read: ऐसी है गंगासागर मेला की सुरक्षा व्यवस्था : 11 ड्रोन, 410 CCTV कैमरे, 100 एंटी क्राइम टीम और 12000 पुलिसकर्मी

सागर मेले को इको-फ्रेंडली, प्लास्टिक मुक्त बनाने पर जोर

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गंगासागर मेले को इको-फ्रेंडली और प्लास्टिक मुक्त बनाने पर जोर दिया. प्रशासनिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने दायित्व प्राप्त अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे गंगासागर मेले को इको-फ्रेंडली और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए हर संभव कदम उठायें.

मेले के दौरान चाक-चौबंद रहेगी सुरक्षा-व्यवस्था

वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगासागर मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी. गंगासागर मेले के दौरान सुरक्षा के लिए इस बार इसरो की भी मदद ली जा रही है. मूड़ी गंगा में चलने वाले वैसेल पर विशेष सैटेलाइट ट्रैकिंग डिवाइस लगाये जायेंगे, ताकि जलयानों पर निगरानी रखी जा सके. उन्होंने बताया कि गंगासागर में 1,150 सीसीटीवी लगाये जायेंगे. वहीं, लगभग दो दर्जन से अधिक ड्रोन से भी नजरदारी रखी जायेगी. मेले के पास कई अस्थायी फायर सर्विस स्टेशन खोले जा रहे हैं, जहां दो दर्जन से अधिक दमकल के वाहन मौजूद रहेंगे. इसके साथ ही सुरक्षा के लिए 10 हजार से अधिक पुलिस जवानों को तैनात किया जायेगा. इसके साथ ही राज्य सरकार की ओर से दो हजार से अधिक सिविल डिफेंस कर्मियों को भी तैयार किया जायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि यातायात नियमों को लेकर योजना बनायी गयी है. जलक्षेत्र में भी गश्त लगायी जायेगी. कानून-व्यवस्था से किसी भी कीमत पर कोई समझौता नहीं किया जायेगा.

Also Read: Gangasagar Mela : सीएम ने केन्द्र पर साधा निशाना, गंगासागर मेला को राष्ट्रीय मेला का दर्जा देने की मांग

श्रद्धालुओं के लिए होगी 2250 बसों की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थयात्रियों को ले जाने व वापस लाने के लिए सरकारी 2250 बसों की व्यवस्था रहेगी. इसके अलावा सैकड़ों की संख्या में निजी बस सेवा भी जारी रहेगी. मूड़ी गंगा में पुण्यर्थियों के लिए चार बार्ज, 32 वेसेल, 100 लॉन्च भी चलाये जायेंगे. 21 जेटी से इनका परिचालन किया जायेगा. पूर्व रेलवे से हावड़ा व सियालदह से अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का आवेदन किया गया है. पूर्व रेलवे मेले के दौरान ट्रेनों की फ्रिक्वेंसी बढ़ाये, जिससे अधिक से अधिक श्रद्धालओं को सुरक्षित तरीके से गंगासागर मेले तक पहुंचाया जाये. वहीं, रेलवे के प्रतिनिधियों ने कहा है कि मेले के दौरान आठ से 17 जनवरी तक 66 स्पेशल ट्रेनें चलायी जायेंगी.

Also Read: Gangasagar Mela News: पीएम मोदी की सरकार पर ममता बनर्जी का हमला- गंगासागर मेला के लिए फंड नहीं देता केंद्र

मंत्रियों को दी गयी जिम्मेदारियां

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के कृषि मंत्री शोभनदेब चट्टोपाध्याय, कोलकाता के मेयर व शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम, बिजली मंत्री अरूप विश्वास, वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य, पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री प्रदीप मजूमदार, जल संसाधन मंत्री पुलक राय, दमकल मंत्री सुजीत बोस सहित वरिष्ठ मंत्रियों को गंगासागर मेले के दौरान गतिविधियों पर करीब से नजर रखने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर मौजूद रहने को कहा है. प्रत्येक मंत्री को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गयी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >