ओडिशा : बारिश से बचने के लिए मालगाड़ी के नीचे छिपे 6 मजदूरों की ट्रेन से कटकर मौत, 5-5 लाख मुआवजे का ऐलान

अचानक आंधी चली. मजदूर बगल की रेल लाइन पर काम कर रहे थे, जहां एक मालगाड़ी खड़ी थी. उन्होंने इसके नीचे शरण ली, लेकिन दुर्भाग्य से मालगाड़ी, जिसमें इंजन नहीं लगा था, वह चलने लगी, जिससे दुर्घटना हुई. दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गयी और तीन अन्य घायल हो गये.

ओडिशा के जाजपुर रोड रेलवे स्टेशन के यार्ड में बुधवार को एक मालगाड़ी से कटकर कम से कम 6 मजदूरों की मौत हो गयी. 2 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. ईस्ट कोस्ट रेलवे के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी (सीपीआरओ) विश्वजीत रासू ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मजदूरों ने भारी बारिश से बचने के लिए वहां खड़ी मालगाड़ी के नीचे शरण ली थी. तभी अचानक बिना इंजन के मालगाड़ी चल पड़ी और मजदूरों को उसके नीचे से निकलने का मौका भी नहीं मिला.

नवीन पटनायक ने किया 5-5 लाख मुआवजे का ऐलान

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के निकट परिजन को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना में घायल हुए दो अन्य लोगों की बेहतर चिकित्सा कराने के भी आदेश दिये हैं. जाजपुर रोड स्टेशन पर रेलवे के काम के दौरान हुए इस हादसे के बाद नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री राहत कोष से मुआवजा देने का ऐलान किया.

अचानक आंधी चली और चली गयी 6 मजदूरों की जान

सीपीआरओ विश्वजीत रासू ने कहा कि अचानक आंधी चली. मजदूर बगल की रेल लाइन पर काम कर रहे थे, जहां एक मालगाड़ी खड़ी थी. उन्होंने इसके नीचे शरण ली, लेकिन दुर्भाग्य से मालगाड़ी, जिसमें इंजन नहीं लगा था, वह चलने लगी, जिससे दुर्घटना हुई. उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना में 6 लोगों की मौत हो गयी. उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच हाई लेवल कमेटी से करायी जायेगी.

स्थानीय लोगों का दावा – दो और ने दम तोड़ा

जाजपुर में यह घटना ओडिशा के बालासोर जिले में भीषण रेल हादसे के पांच दिन बाद हुई. बालासोर में हुए हादसे में 288 लोगों की मौत हो गयी थी. बता दें कि बालासोर में दो ट्रेनों की टक्कर हो गयी थी, जिसमें एक हजार से अधिक लोग घायल हो गये थे. इनमें 275 की मौत हो गयी. दिन रात काम करके रेलवे लाइन को क्लियर करवाया गया.

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By Mithilesh Jha

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