छत्तीसगढ़ में चुनाव लड़ रहे 223 में 26 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले, 16 पर हैं सीरियस क्रिमिनल केस

बीजेपी के पांच में चार उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं. इसी तरह जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के 15 में से दो और आम आदमी पार्टी के 10 में से एक प्रत्याशी के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं.

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 के पहले चरण में जिन 20 विधानसभा सीटों पर मतदान है, उसके लिए 223 उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें से 12 फीसदी यानी 26 प्रत्याशियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. इनमें से 16 ने खुद शपथ पत्र दाखिल कर यह बताया है कि उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मुकदमे लंबित हैं. इन 223 उम्मीदवारों में से 46 करोड़पति हैं. अगर औसत संपत्ति की बात करें, तो इन प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 1.34 करोड़ रुपए है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. एडीआर ने छत्तीसगढ़ में प्रत्याशियों की ओर से नामांकन के साथ चुनाव आयोग को सौंपे गए शपथ पत्र का अध्ययन करने के बाद यह रिपोर्ट जारी करती है. पहले चरण में चुनाव लड़ रहे 26 प्रत्याशियों ने चुनाव आयोग को बताया है कि उनके खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं. इसमें सबसे ज्यादा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पांच प्रत्याशी हैं, जिन्होंने बताया है कि उनके खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं. कांग्रेस के 20 में से दो, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के 15 में से तीन और आम आदमी पार्टी के 10 में से चार उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मुकदमों का खुलासा किया है.

बीजेपी के चार प्रत्याशियों पर गंभीर आपराधिक मुकदमे

बीजेपी के पांच में चार उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं. इसी तरह जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के 15 में से दो और आम आदमी पार्टी के 10 में से एक प्रत्याशी के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं. भारतीय सर्वजन हिताय समाज पार्टी के 100 फीसदी उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं. आम आदमी पार्टी के 40 फीसदी प्रत्याशियों पर आपराधिक और 10 फीसदी पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. सर्व आदि दल के 38 फीसदी उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं. बीजेपी के 25 फीसदी कैंडिडेट पर आपराधिक मुकदमे हैं, जबकि 20 फीसदी पर गंभीर आपराधिक केस हैं.

गोंडवाणा गणतंत्र पार्टी के 17 फीसदी उम्मीदवार पर क्रिमिनल केस

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के 20 फीसदी प्रत्याशियों पर आपराधिक और 13 फीसदी पर गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. गोंडवाणा गणतंत्र पार्टी के 17 फीसदी उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं. हमर राज पार्टी ने बताया है कि उसके 14 फीसदी प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. सीपीआई के 13 फीसदी प्रत्याशियों पर गंभीर आपराधिक मुकदमे हैं. कांग्रेस के 10 फीसदी प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. सात फीसदी निर्दलीय प्रत्याशियों पर आपराधिक मुकदमे हैं. चार फीसदी के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं.

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20 विधानसभा सीट पर सात नवंबर को मतदान

बता दें कि छत्तीसगढ़ के 11 जिलों की 20 विधानसभा सीटों पर सात नवंबर को पहले चरण में मतदान होगा. इसमें सात विधानसभा सीट सामान्य वर्ग के लिए है, एक सीट अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित है जबकि 12 सीटें अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित हैं.

पहले चरण में इन जिलों में मतदान

  1. बस्तर (जगदलपुर)

  2. बीजापुर

  3. दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा

  4. कबीरधाम

  5. खैरागढ़-छुइखादन-गांडेय

  6. कोंडागांव

  7. मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी

  8. नारायणपुर

  9. राजनांदगांव

  10. सुकमा

  11. उत्तर बस्तर कांकेर

इन विधानसभा सीटों पर होगी वोटिंग

  1. पंडरिया

  2. कवर्धा

  3. खैरागढ़

  4. डोंगरगढ़ (एससी)

  5. राजनंदगांव

  6. डोंगरगांव

  7. खुज्जी

  8. मोहाला मानपुर (एसटी)

  9. अंतागढ़ (एसटी)

  10. भानुप्रतापपुर (एसटी)

  11. कांकेर (एसटी)

  12. केशकाल (एसटी)

  13. कोंंडागांव (एसटी)

  14. नारायणपुर (एसटी)

  15. बस्तर (एसटी)

  16. जगदलपुर

  17. चित्रकोट (एसटी)

  18. दंतेवाड़ा (एसटी)

  19. बीजापुर (एसटी)

  20. कोंटा (एसटी)

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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