बरेली में 10,323 ने पोस्टल बैलेट से डाले वोट, गेमचेंजर होंगे साबित, यहां पड़े सबसे अधिक वोट

पोस्टल बैलेट के वोटों की गिनती सबसे पहले होगी. इसके बाद ईवीएम से वोटों की गिनती की जाएगी. पोस्टल बैलेट की वोट की गिनती के लिए कर्मचारियों को अलग से लगाया गया है. इसके साथ ही प्रत्याशियों के एजेंट भी अलग होंगे.

By Prabhat Khabar | March 7, 2022 5:54 PM

Bareilly News: बरेली की नौ विधानसभा में 80 वर्ष से अधिक आयु के, दिव्यांग और सरकारी कर्मचारियों ने 10,323 पोस्टल बैलेट से मतदान किया है. यह पोस्टल बैलेट प्रत्याशियों की जीत-हार में गेमचेंजर साबित होंगे. बरेली की शहर विधानसभा में सबसे अधिक 1907 और आंवला में सबसे कम 784 पोस्टल बैलेट से वोट पड़े हैं.

बरेली की बहेड़ी विधानसभा में 80 वर्ष से अधिक, दिव्यांग और सरकारी कर्मचारियों ने 1171, मीरगंज में 899, भोजीपुरा में 1039, नवाबगंज में 1080, फरीदपुर में 952, बिथरी चैनपुर में 1197, बरेली शहर में 1907, कैंट में 1294 और आंवला में 784 पोस्टल बैलेट से मतदान हुआ है.यह पोस्टल बैलेट एक हजार से नीचे की हार-जीत में गेमचेंजर साबित होंगे. बरेली में 80 वर्ष से अधिक उम्र के और दिव्यांग 730, केंद्रीय कर्मचारी 7592, सैनिक 3659, राज्य कर्मचारी 958, निर्वाचन कर्मी 2394 और अन्य कर्मियों के 1043 पोस्टल बैलेट के मतदाता हैं, लेकिन इसमें 10,323 ने पोस्टल बैलेट से मतदान किया है.

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पहले पोस्टल बैलेट से होगी मतगणना

पोस्टल बैलेट के वोटों की गिनती सबसे पहले होगी. इसके बाद ईवीएम से वोटों की गिनती की जाएगी. पोस्टल बैलेट की वोट की गिनती के लिए कर्मचारियों को अलग से लगाया गया है. इसके साथ ही प्रत्याशियों के एजेंट भी अलग होंगे.

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ऐसे डाले गए पोस्टल बैलेट

पहली बार दिव्यांग, 80 साल से अधिक बुजुर्ग के वोट डाले गए हैं. इनसे 12 डी फार्म भरवाया गया. इसके बाद पोस्टल बैलेट से वोट डाले. इसके बाद खास लिफाफे में रखकर जमा किए गए थे. अर्धसैनिक बल, सेना के जवानों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से इस सुविधा की सूचना दी गई थी. 11 विभागों के कर्मचारियों ने फार्म-12 के जरिये पोस्टल बैलेट से मतदान किया. इसमें सूचना एवं जनसंपर्क, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, डाक सेवा, ट्रैफिक, रेलवे, बिजली, नागरिक उड्डयन, मेट्रो रेल, दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो, बीएसएनएल हैं. इन सभी विभाग के कर्मचारियों को नोडल अधिकारी के माध्यम से सुविधा दी जाएगी.

निर्वाचन आयोग ने उठाया खर्च

निर्वाचन आयोग ने पोस्टल बैलेट के डाक से भेजने का खर्च उठाया है.मतदाताओं को इसके लिए कोई डाक टिकट भी नहीं लगाना पड़ा.

रिपोर्ट- मुहम्मद साजिद, बरेली

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