आखिर ऑनलाइन सेल में सामान इतने कम दाम पर क्यों मिलते हैं? शॉपिंग से पहले जान लीजिए ये कारण

Online Sales: Flipkart, Amazon जैसी ई-कॉमर्स साइट्स पर फेस्टिव सेल चल रहे हैं. इन सेल में कई प्रोडक्ट्स पर 50% से 80% तक का भारी छूट मिल रहा है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कंपनियां इतना सस्ता सामान आखिर कैसे बेच देती हैं? क्या ये ऑफर सच में असली होते हैं या इसके पीछे कोई चालाकी छुपी होती है?

Online Sales: आजकल ऑनलाइन शॉपिंग करने का प्रचलन काफी बढ़ गया है. ज्यादातर लोग अब घर बैठे-बैठे ऑनलाइन शॉपिंग करना ज्यादा पसंद करते हैं. Flipkart, Amazon, Meesho और Myntra जैसी ई-कॉमर्स साइट्स तो हर थोड़े-थोड़े समय पर सेल लाती रहती है. इन सेल में कई बार 50% से 80% तक का भारी छूट तक मिलता है. फिलहाल त्योहार का सीजन चल रहा है और बड़े-बड़े ई-कॉमर्स साइट्स पर साल के बड़े सेल चल रहे हैं हर प्रोडक्ट्स पर आपको तगड़े डिस्काउंट मिल रहे हैं.

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कंपनियां इतना सस्ता सामान आखिर कैसे बेच देती हैं? क्या ये ऑफर सच में असली होते हैं या इसके पीछे कोई चालाकी छुपी होती है? आइए जानते हैं कि आखिर कौन-सी वजहें हैं जिनकी बदौलत ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर सामान इतनी कम कीमत में मिल पात है.

थोक में खरीदना और जल्दी स्टॉक क्लियर करना

Flipkart, Amazon जैसे बड़े ई-कॉमर्स कंपनियां सीधे ब्रांड्स और मैन्युफैक्चरर्स से माल थोक में खरीद लेती हैं. जब सामान काफी बड़ी मात्रा में आता है तो उसकी कीमत बहुत कम हो जाती है. इसके अलावा, जैसे ही किसी प्रोडक्ट का नया मॉडल लॉन्च होता है, कंपनियां पुराने स्टॉक को जल्दी क्लियर के लिए उसको सस्ते दाम पर बेचना शुरू कर देती है.

कम खर्चा, ज्यादा फायदा

ऑफलाइन दुकानों को दुकान का किराया, स्टाफ की सैलरी और बिजली-पानी जैसे कई खर्च उठाने पड़ते हैं. वहीं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को सिर्फ गोदाम और डिलीवरी का खर्च मैनेज करना होता है. इसी वजह से उनके पास ग्राहकों को कम दाम में प्रोडक्ट बेचने का ज्यादा मौका होता है.

ब्रांड प्रमोशन और मार्केटिंग स्ट्रैटेजी

ई-कॉमर्स साइट्स समय-समय पर बड़े सेल इसलिए लाती हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग उनकी वेबसाइट या ऐप विजिट करें. ये एक तरह की मार्केटिंग स्ट्रैटेजी होती है. जब कस्टमर एक बार साइट कर पहुंच जाता हैं तब वो सिर्फ ऑफर वाला सामान ही नहीं, बल्कि और भी चीजें खरीद लेता है. इसका सीधा असर कंपनी के मुनाफे पर जाता है. 

फेस्टिव सीजन और खरीदारी का मनोविज्ञान

त्यौहारों के समय लोग ज्यादा शॉपिंग करना पसंद करते हैं. कंपनियां इसी मौके पर बड़े-बड़े सेल और ऑफर्स ले आती हैं. “फ्लैश सेल”, “लिमिटेड टाइम ऑफर” या “बिग बिलियन डेज” जैसे नाम सुनते ही लोगों को लगता है कि अगर अभी नहीं खरीदा तो वही सामान के बाद में ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे. यही वजह है कि कस्टमर तुरंत खरीदारी कर लेते हैं.

नकली डिस्काउंट का जाल 

ऑनलाइन शॉपिंग में अक्सर नकली डिस्काउंट का जाल बिछाया जाता है. कई बार होता ये है कि प्रोडक्ट की असली कीमत पहले बढ़ाकर दिखाई जाती है और फिर उस पर बड़ा डिस्काउंट चिपका दिया जाता है. ऐसे में खरीदार को लगता है कि सामान बहुत सस्ता मिल रहा है, लेकिन हकीकत में उतना सस्ता नहीं होता. ई-कॉमर्स में ये तरीका कॉमन है. हां, ये भी सच है कि हर डिस्काउंट फर्जी नहीं होता, कई बार ये सिर्फ कंपनियों की स्मार्ट चाल और बिजनेस प्लान का हिस्सा होता है.

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Author: Ankit Anand

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