कीबोर्ड के F और J बटन पर छोटी लाइनें क्यों होती हैं? जान जाएंगे तो स्मार्ट कहलाएंगे

Why Are There Bumps on the F and J Keyboard Keys? आप भी अगर लैपटॉप और कम्प्यूटर इस्तेमाल करते हैं तो आपको पता होगा कि ये QWERTY की बोर्ड के साथ आते हैं. क्या आपने कभी गौर किया है कि कीबोर्ड में F और J बटन खास होता है. इनके नीचे छोटी लाइनें बनी होती हैं. इनपर अमूमन बहुत कम ही लोगों का ध्यान जाता है

Why do the ‘F’ and ‘J’ keys on keyboards have bumps on them? एक समय ऐसा था, जब कार्यालयों में फाइलों में काम होता था. लेकिन, दो दशक के अंदर तकनीक के स्तर पर काफी कुछ बदल गया और लोग कम्प्यूटर पर काम करने लगे. आजकल केवल दफ्तर ही नहीं, स्कूल और कॉलेजों की पढ़ाई भी लैपटॉप और कम्प्यूटर पर होने लगी है .

What are the little bumps for on the keyboard? आप भी अगर ऐसे में लैपटॉप और कम्प्यूटर का इस्तेमाल करते हैं तो आपको पता ही होगा कि ये QWERTY की बोर्ड के साथ आते हैं. क्या आपने कभी गौर किया है कि कीबोर्ड में F और J बटन खास होता है. इनके नीचे छोटी लाइनें बनी होती हैं. इन लाइनों पर अमूमन बहुत कम ही लोगों का ध्यान जाता है .

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Why Are There Bumps on the F and J Keyboard Keys? कीबोर्ड की F और J बटन पर आखिर क्यों होती हैं लाइनें? F और J बटन पर नीचे की तरफ हल्का-सा बम्प इसलिए दिया जाता है क्योंकि ये उभार टाइपिंग स्पीड और सटीकता को बेहतर करने में मदद करते हैं .

What are the keys F and J called on a computer keyboard? कीबोर्ड में बीच वाली लाइन को Home Row Key पोजिशन कहा जाता है. जैसे ही आप बाएं और दाएं हाथ को F और J Keys पर रखते हैं, तो आप यह महसूस कर पाएंगे कि आपको Keys को ऐक्सेस करना काफी आसान हो जाता है .

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Why are there bumps on the F and J on a computer keyboard? कीबोर्ड की बीच वाली लाइन में हाथों को सही पोजिशन मिलने से ऊपर और नीचे की लाइन में मूव करना काफी आसान हो जाता है. यहां उंगलियों को रखने पर आपका बायां हाथ A, S, D और F बटन्स को कवर करता है. वहीं, दायां हाथ J, K, L और कोलन (;) बटन्स को कवर करता है. इस स्थिति में दोनों अंगूठे स्पेस बार पर रहते हैं. अब तो आप समझ ही गए होंगे कि आखिर F और J बटन पर नीचे की तरफ हल्का सा बम्प क्यों दिया गया होता है .

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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