WhatsApp का नया फीचर: नए मेंबर ग्रुप में आते ही पढ़ सकेंगे पुरानी चैट्स, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp अब एक नया फीचर ‘Group Message History’ ला रहा है. इससे नए मेंबर्स को ग्रुप में एडजस्ट करना काफी आसान हो जाएगा. अब एडमिन या ग्रुप के दूसरे लोग नए मेंबर के साथ हाल के करीब 100 मैसेज शेयर कर सकेंगे ताकि बार-बार लंबा रिकैप देने की जरूरत न पड़े.

किसी नए ग्रुप चैट में जुड़ना कई बार थोड़ा अजीब लग सकता है. अक्सर ग्रुप में बातें पहले से ही जोरों पर चल रही होती हैं और जरूरी अपडेट्स भी शायद पहले ही शेयर हो चुके होते हैं. इसी परेशानी को आसान बनाने के लिए WhatsApp ने एक नया फीचर पेश किया है. फीचर का नाम है ग्रुप मैसेज हिस्ट्री (Group Message History). इसकी मदद से नए मेंबर्स तुरंत समझ सकते हैं कि उन्होंने क्या-क्या मिस कर दिया है. आइए आपको इस फीचर के बारे में डिटेल में बताते हैं.

इस फीचर का क्या फायदा है?

इस फीचर का आइडिया बिल्कुल सीधा है. जब भी कोई नया मेंबर ग्रुप में जुड़े तो उसे बार-बार सब कुछ समझाने या फॉरवर्ड मैसेज और स्क्रीनशॉट भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी. ग्रुप में जुड़ते ही वो सीधे हाल के चुने हुए मैसेज देख सकेगा. इससे उसे शुरुआत से ही बातचीत का पूरा कॉन्टेक्स्ट मिल जाता है और ग्रुप की बातचीत बिना किसी रुकावट के आराम से चलती रहती है.

कैसे काम करता है ये फीचर?

जब किसी नए यूजर को WhatsApp ग्रुप में जोड़ा जाता है, तो अब एडमिन और पुराने मेंबर्स के पास यह ऑप्शन होता है कि वे हाल के मैसेज उस नए मेंबर के साथ शेयर कर सकें. वे पूरी चैट भेजने के बजाय सिर्फ चुने हुए मैसेज करीब 25 से 100 के बीच भेज सकते हैं. इससे नए व्यक्ति को जरूरी कॉन्टेक्स्ट मिल जाए और उसे शुरुआत से सब कुछ पढ़ना न पड़े.

कंपनी के मुताबिक, खुलापन बनाए रखने के लिए जैसे ही मैसेज हिस्ट्री शेयर की जाती है, ग्रुप के सभी लोगों को इसकी सूचना मिलती है. साथ ही, जिन मैसेज को भेजा जाता है, उनमें साफ टाइमस्टैम्प और सेंडर की डिटेल्स दिखती है और वे नॉर्मल मैसेज से अलग नजर आते हैं.

ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर ग्रुप एडमिन नहीं चाहते कि मेंबर्स इस फीचर का इस्तेमाल करें, तो वे इसे बंद कर सकते हैं. हालांकि जरूरत पड़ने पर एडमिन के पास हमेशा चैट हिस्ट्री शेयर करने का ऑप्शन रहेगा. फिलहाल इस फीचर को धीरे-धीरे रोल आउट किया जा रहा है और बाकी पर्सनल मैसेज की तरह यह भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड है.

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By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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