WhatsApp ग्रुप टैग नोटिफिकेशंस ने कर दिया परेशान? ऐसे पाएं छुटकारा

व्हाट्सऐप ग्रुप टैग नोटिफिकेशन अक्सर यूजर्स को परेशान करते हैं. परिवार, दोस्तों और ऑफिस के ग्रुप्स छोड़ना मुश्किल होता है, लेकिन लगातार आने वाले अलर्ट से राहत पाने के लिए कुछ आसान सेटिंग्स मौजूद हैं. जानिए कैसे ग्रुप को म्यूट करें, कस्टम अलर्ट बंद करें और आर्काइव करके फोन को आराम करने दें

आजकल व्हाट्सऐप हमारे रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बन चुका है. परिवार, दोस्तों, ऑफिस, कॉलेज और ट्रिप्स के लिए अलग-अलग ग्रुप्स बने होते हैं, जिन्हें छोड़ना अक्सर संभव नहीं होता. ऐसे में लगातार आने वाले ग्रुप टैग नोटिफिकेशन परेशान कर देते हैं. अगर आप भी इनसे परेशान हैं, तो कुछ आसान सेटिंग्स बदलकर मिनटों में राहत पा सकते हैं.

ग्रुप को हमेशा के लिए म्यूट करें

सबसे आसान तरीका है ग्रुप को म्यूटकरना. इसके लिए ग्रुप खोलें, नाम पर टैप करें और Notifications → Mute Notifications Always चुनें. इससे टैग किये जाने पर भी कोई अलर्ट नहीं आयेगा और आपका फोन साइलेंट रहेगा.

कस्टम अलर्ट बंद करें

अगर आप चाहते हैं कि टैग नोटिफिकेशन आते रहें लेकिन आवाज न हो, तो Custom Notifications में जाकर साउंड को None पर सेट कर दें. इससे नोटिफिकेशन तो आयेगा, लेकिन कोई साउंड या वाइब्रेशन नहीं होगा.

ग्रुप को आर्काइव करें

जिन ग्रुप्स में आप एक्टिव नहीं रहना चाहते, उन्हें Archive कर दें. इससे मैसेज तो आते रहेंगे लेकिन नोटिफिकेशन नहीं मिलेगा. फोन पर अनावश्यक डिस्टर्बेंस से बचने का यह सबसे बेहतर तरीका है.

फोन को बना लें डिस्ट्रैक्शन-फ्री

व्हाट्सऐप ग्रुप टैग नोटिफिकेशन से परेशान होने की जरूरत नहीं है. बस कुछ सेटिंग्स बदलकर आप अपने फोन को डिस्ट्रैक्शन-फ्री बना सकते हैं. चाहे ग्रुप म्यूट करना हो, कस्टम अलर्ट बंद करना हो या ग्रुप आर्काइव करना, ये तरीके आपके लिए राहत साबित होंगे.

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Published by: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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