सैडफिशिंग है सोशल मीडिया एडिक्शन का साइड एफेक्ट, जानिए क्या बला है यह

What Is Sadfishing: सैडफिशिंग से जुड़ी समस्या सोशल मीडिया पर बढ़ रही है, जहां लोग दुख भरी कहानियां पोस्ट करते हैं ताकि ज्यादा व्यूज और कमेंट प्राप्त कर सकें.

What Is Sadfishing Trend On Social Media: सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, जैसे कि चिंता, अवसाद और अपर्याप्तता की भावनाएं उत्पन्न हो सकती हैं. इन्हीं में से एक है- सैडफिशिंग. आइए जानें आखिर क्या है सैडफिशिंग और यह आपको कैसे नुकसान पहुंचा सकता है.

क्या है सैडफिशिंग?

सैडफिशिंग एक मानसिक स्थिति है, जिसमें लोग सहानुभूति प्राप्त करने के लिए अपनी भावनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं, जिससे उनका उद्देश्य दूसरों से ध्यान आकर्षित करना होता है. यह एक मानसिक विकार, हिस्ट्रीयोनिक पर्सनैलिटी डिसऑर्डर, से भी जुड़ा हो सकता है, जिसमें व्यक्ति हमेशा लोगों का ध्यान आकर्षित करना चाहता है.

क्या है सैडफिशिंग की वजह?

सैडफिशिंग के कारणों में अवसाद, अकेलापन, सोशल मीडिया की लत और लाइक व कमेंट पाने की चाहत शामिल हैं. सैडफिशिंग से जुड़ी समस्या सोशल मीडिया पर बढ़ रही है, जहां लोग दुख भरी कहानियां पोस्ट करते हैं ताकि ज्यादा व्यूज और कमेंट प्राप्त कर सकें. हालांकि, यह एक भ्रम है कि लोग वास्तव में सहानुभूति रखते हैं, क्योंकि असल में लोग सिर्फ दिखावा करते हैं.

क्या हैं सैडफिशिंग के नकारात्मक प्रभाव?

सैडफिशिंग के कई नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं, जैसे सोशल इमेज खराब होना या ब्लैकमेलिंग. यदि कोई इस मानसिकता का शिकार हो, तो परिवार और अभिभावकों को ध्यान रखना चाहिए और उन्हें काउंसलिंग और सकारात्मक बातचीत के माध्यम से मदद करनी चाहिए.

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Published by: Rajeev kumar

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राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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