आधा भारत नहीं जानता बारिश में क्यों कड़कती है बिजली, क्या है बादलों की गड़गड़ाहट का रहस्य?

What Causes Lightning and Thunder: बारिश के मौसम में आपने कई बार बिजली की कड़कड़ाहट और बादलों के गरजने की आवाज सुनी होगी. लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर बारिश के मौसम में ऐसा क्यों होता है? अगर नहीं, तो फिर इस खबर को पूरा पढ़िएगा. यहां आज हम आपको बताएंगे इसके पीछे क्या है वैज्ञानिक कारण.

What Causes Lightning and Thunder: बारिश का मौसम शुरू हो गया है. हर दिन झमाझम बारिश हो रही है. लेकिन इस तेज मूसलाधार बारिश में बादल कि गर्जन और बिजली की कड़कड़ाहट भी सुनने को मिल रही है. ये सारी आवाजें तेज बारिश की निशानी हैं. बारिश के साथ-साथ बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली का कड़कना आम बात है. हालांकि, कई लोग इस बादल की गड़गड़ाहट और कड़कड़ाती बिजली की आवाज से डर जाते हैं. डर हो भी क्यों न, ये बादल कभी-कभी इतने खतरनाक हो जाते हैं, कि जमीन पर गिरकर तबाही मचा देते हैं. इसका ताजा उदाहरण हिमाचल प्रदेश का मंडी है. जहां बादल फटने से तबाही मची हुई है.

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लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि आखिर ये बादल फटते कैसे हैं? बारिश होने पर बिजली क्यों कड़कड़ाती है? अगर नहीं, तो फिर आज हम आपको बताएंगे बारिश के समय में ऊपर आसमान में बादलों के बीच होने वाली हलचल के बारे में. आखिर ये बादलों के बीच गड़गड़ाहट क्यों होती है और बिजली कैसे बनती है?

बिजली कैसे बनती है?

ये तो आप जानते ही होंगे कि सूरज की रोशनी में नदी-तालाबों का पानी भाप बनकर ऊपर उठता है और ऊपर जाकर संघनित होकर बादल बन जाता है. आसमान में बादलों में कई सारे छोटे-छोटे पानी और बर्फ के कण मौजूद होते हैं, जो हमें दिखाई नहीं देते. हवा में ये कण आपस में टकराते हैं और जब आपस में ये टकराते हैं, तो इनसे बहुत सारी बिजली पैदा होती है. कुछ बादलों में पॉजिटिव चार्ज होते हैं तो कुछ में नेगेटिव. ऐसे में जब दोनों आपस में टकराते हैं तो इनसे लाखों वोल्ट की बिजली पैदा होती है. ये इतनी ज्यादा होती है कि एक बड़ी चिंगारी की तरह चमकने लगती है. जिसे बिजली कड़कना कहा जाता है. ये दिखतें तो एक सेकेंड से भी कम के लिए है, लेकिन इनकी रोशनी बहुत तेज होती है. कभी-कभी तो ये बिजली इतनी अधिक उत्पन्न होती है कि ये धरती तक पहुंच जाती है. जिसे हम बिजली गिरना कहते हैं.

क्यों गरजते हैं बादल?

जब बादलों के टकराने से बिजली पैदा होती है, तो बादलों के बीच खाली जगह उत्पन्न हो जाती है. बादलों के इन खाली जगहों पर बिजली की धारा बहने लगती है. इससे चमक उत्पन्न होती है. कभी-कभी आपने नोटिस किया होगा कि बादलों के बीच चमक दिखती है, यह किसी कारण से दिखाई देती है. वहीं, बिजली के कड़कने से आसपास की हवा तेजी से गर्म हो जाती है. जिससे हवा एकदम से फैलती है और करोड़ों कण आपस में टक्कराने लगते हैं. इसी आवाज को बदल का गर्जना कहा जाता है.

गरजने की आवाज से पहले क्यों दिखाई देती है चमक?

बारिश के समय में बिजली की कड़कड़ाहट और बादल की गड़गड़ाहट एक साथ सुनाई देती है. लेकिन बिजली की चमक हमें पहले दिखाई देती है. इसके पीछे की वजह ये है कि रोशनी यानी प्रकाश ध्वनि यानी आवाज से बहुत ज्यादा तेज चलती है. यही आवाज है कि हमें पहले बिजली दिखाई देती है और कड़कड़ाहट की आवाज बाद में हमारे कानों तक पहुंचती है. रोशनी की गति जहां 30,0000 किमी/सेकेंड होती है तो वहीं आवाज की गति 332 मीटर प्रति सेकेंड होती है.

बिजली गिरने के समय बरतें ये सावधानियां

बारिश के मौसम में बिजली कड़कना और बादल गरजना आम बात है. लेकिन इस स्तिथि में कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए. क्योंकि, बिजली गिरने से मौत भी हो सकती है. सबसे ज्यादा खेतों में काम कर रहे लोगों पर, पेड़ों पर और तालाब या नदी में नहा रहे लोगों पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा होता है. ऐसे में जब बादल किसी पेड़ या इमारत के पास से गुजरते हैं तो बादल के चार्ज के खिलाफ पेड़ या इमारत की चार्ज उत्पन्न होती है. वहीं, बादल में चार्ज की मात्रा अधिक होने पर बिजली इमारत या पेड़ में बहने लगती है, जिसको बिजली गिरना कहा जाता है.

ऐसे में मौसम ज्यादा खराब होने पर ये सावधानियां जरूर बरतें-

  • घर के अंदर ही रहें.
  • बिजली कड़कने पर बाहर न निकलें.
  • घर के अंदर टेलीफोन या फोन का इस्तेमाल न करें.
  • दरवाजों और खिड़कियों को बंद कर दें.
  • दरवाजें या छत पर खड़े न रहें.
  • अगर आप बाहर हैं तो बचने के लिए पेड़ों के नीचे, खुले मैदान/खेत या फिर पानी वाले इलाकों के सामने न रहें.
  • मोबाइल या धातु की वस्तुओं का इस्तेमाल करने से बचें.
  • खुले जगहों पर छाता या धातु की छड़ें लेकर न खड़े रहें.

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By Shivani shah

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टेक्नोलॉजी सेक्टर में शिवानी शाह की मजबूत पकड़ स्मार्टफोन लॉन्च/रिव्यूज, गैजेट रिव्यूज, टिप्स एंड ट्रिक्स, बायर्स गाइड, टेलीकॉम अपडेट्स, AI टूल्स/फीचर्स और ट्रेंडिंग टेक टॉपिक्स से जुड़े विषयों में है. ऑटोमोबाइल सेक्टर में वह नई कार/बाइक/स्कूटर्स की लॉन्चिंग, गाड़ियों के फीचर्स, बायर्स गाइड, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), ट्रेंडिंग ऑटो टॉपिक्स और अपडेट्स पर रिसर्च-बेस्ड कंटेंट लिखती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर सिर्फ लॉन्च और फीचर्स की जानकारी तक सीमित न रहे, बल्कि पाठकों को यह भी समझ आए कि वह उनके लिए कितनी काम की है.

शिवानी शाह ने साल 2020 में करीम सिटी कॉलेज, जमशेदपुर से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन और साल 2024 में अपेक्स यूनिवर्सिटी, जयपुर से मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया.

अपने करियर की शुरुआत शिवानी शाह ने झारखंड के डिजिटल न्यूज पोर्टल Lagatar.com से की, जहां करीब एक साल तक उन्होंने काम किया. इसके बाद जयपुर में पढ़ाई के दौरान Hamara Samachar यूट्यूब चैनल में वह न्यूज एंकर रहीं. मास्टर्स पूरी करने के बाद उन्होंने झारखंड डिजिटल न्यूज पोर्टल The News Post में करीब एक साल तक काम किया. इन संस्थानों में काम करने के दौरान उन्होंने लोगों तक सही, भरोसेमंद और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाने का अनुभव हासिल किया.

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