Truecaller यूजर्स ध्यान दें! ट्राई बदलने जा रहा है कॉलिंग के नियम, बैंक और जरूरी कॉल्स ब्लॉक करने पर लगेगी रोक

TRAI, Truecaller जैसे ऐप्स पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नियम ला रहा है. इसका उद्देश्य अनचाही कॉल्स और धोखाधड़ी पर रोक लगाना है. नए नियम से जरूरी कॉल्स ब्लॉक होने की समस्या खत्म होगी.

TRAI Action on Truecaller: भारत में अनचाही कॉल्स (Spam Calls) और जालसाजी पर लगाम लगाने के लिए दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) एक बड़ा और कड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. ट्राई ने 'ट्रूकॉलर' (Truecaller) जैसे लोकप्रिय कॉलर आईडी और कॉल मैनेजमेंट ऐप्स की मनमानी पर नकेल कसने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) से हरी झंडी मांगी है. नियामक का मानना है कि इन थर्ड-पार्टी ऐप्स की अनियंत्रित गतिविधियों के कारण कई बार जरूरी कमर्शियल कॉल्स भी ब्लॉक हो जाती हैं, जिससे यूजर्स तक जरूरी जानकारी नहीं पहुंच पाती. इस नए कदम से ट्रूकॉलर जैसी कंपनियों की जवाबदेही तय होगी, जिससे करोड़ों स्मार्टफोन यूजर्स का कॉलिंग एक्सपीरियंस पूरी तरह बदलने वाला है.

ट्राई ने तैयार किया सख्त नियम, मेइटी की मंजूरी का इंतजार

मामले से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ट्राई ने स्पैम और फ्रॉड कॉल्स के खिलाफ एक व्यापक ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसे 'दूरसंचार वाणिज्यिक संचार ग्राहक वरीयता (तीसरा संशोधन) विनियम, 2026' नाम दिया गया है. इस नए कानून के तहत ट्राई कॉल मैनेजमेंट ऐप्स को पूरी तरह से सरकारी नियमन और कायदे-कानूनों के दायरे में लाना चाहता है. इस संबंध में दूरसंचार विभाग (DoT) के साथ भी उच्च स्तरीय चर्चा पूरी हो चुकी है. जैसे ही आईटी मंत्रालय (MeitY) से इसे अंतिम मंजूरी मिलेगी, वैसे ही इन टेक कंपनियों के लिए भारत के सख्त टेलीकॉम नियमों का पालन करना अनिवार्य हो जाएगा.

जरूरी कॉल्स को गलत तरीके से स्पैम मार्क करने पर लगेगी रोक

प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, भविष्य में किसी भी कॉल मैनेजमेंट ऐप को यह अधिकार नहीं होगा कि वह किसी वैध या जरूरी सरकारी/व्यावसायिक कॉल या मैसेज को गलत तरीके से 'स्पैम' के रूप में चिह्नित करे, उसे रोके या उसमें कोई बदलाव करे. अक्सर देखा गया है कि बैंक, बीमा या इमरजेंसी सेवाओं से आने वाली महत्वपूर्ण कॉल्स को भी ये ऐप्स स्पैम बताकर ब्लॉक कर देते हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. नए नियमों के लागू होते ही ऐप्स की इस मनमानी पर पूरी तरह से पूर्णविराम लग जाएगा.

140 और 1600 सीरीज वाले नंबरों के लिए बना विशेष नियम

ट्राई ने अपने नए मसौदे में कमर्शियल और बैंकिंग कॉल्स की पहचान को बेहद आसान बनाने के लिए एक विशेष नंबर सीरीज तय की है. इसके तहत टेलीमार्केटिंग और प्रमोशनल कॉल्स के लिए '140' से शुरू होने वाली नंबर शृंखला निर्धारित की गई है. वहीं दूसरी ओर बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं (BFSI) और इंश्योरेंस कंपनियों से जुड़ी जरूरी सर्विस या ट्रांजैक्शनल कॉल्स के लिए '1600' की विशेष नंबर सीरीज अलॉट की गई है. ट्राई का प्रस्ताव है कि इन निर्धारित सीरीज से आने वाली आधिकारिक कॉल्स को कोई भी ऐप अपने प्लैटफॉर्म पर प्रतिबंधित या ब्लॉक नहीं कर सकेगा.

ट्रूकॉलर के सीईओ ने उठाए सवाल, कहा- जमीन पर नहीं बदलेगा सच

ट्राई के इस सख्त रुख पर ट्रूकॉलर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) ऋषित झुंझुनवाला ने सोशल मीडिया पर अपनी असहमति जाहिर की है. उन्होंने इस नए रेगुलेशन का विरोध करते हुए कहा कि कागजों पर '140' और '1600' जैसी विशेष नंबर शृंखला का विचार दिखने में बहुत अच्छा लग सकता है, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है. झुंझुनवाला का दावा है कि वर्तमान में इन्हीं तय सीरीज वाले नंबरों से स्पैम और फर्जी कॉल्स में भारी इजाफा देखा गया है, इसलिए इन पर पूरी तरह भरोसा करना यूजर्स की सुरक्षा के लिहाज से सही नहीं होगा. अब देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस विरोध के बीच नए नियमों को कब तक जमीन पर उतारती है.

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Published by: Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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