Tech Tips : स्मार्टफोन-चार्जर के साथ ऐसी लापरवाही कर दुर्घटना को दावत दे रहे आप, जानें  क्या करें और क्या नहीं

Tech Tips : स्मार्टफोन और फोन के चार्जर में आग लगने की अधिकांश घटनाओं की वजह यूजर्स की कुछ लापरवाहियां होती हैं. जानिए क्या हैं वो और कैसे बचें-

Tech Tips : फोन में आग पकड़ लेने या फोन ब्लास्ट करने की घटनाओं के बारे में हम समय-समय पर सुनते आ रहे हैं. हाल ही में उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक खबर सामने आयी. इसमें चार बच्चे मोबाइल फोन को चार्ज में लगाकर उसपर गेम खेल रहे थे. अचानक चार्जर में शॉर्ट सर्किट हुआ और फोन ब्लास्ट कर गया. इससे उनके घर में आग लग गई और चारों बच्चे जिंदा जल गए. यही नहीं, इन बच्चों को बचाने आये उनके मां-बाप भी बुरी तरह जल गए. इस घटना के बाद यह समझने की जरूरत है कि आखिर किन वजहों से ऐसा होता है और ऐसी स्थिति में से बचने के लिए क्या करें और क्या नहीं. आइए जानें-

फोन और चार्जर के साथ लापरवाही बिल्कुल न करें

चार्जर और स्मार्टफोन में शॉर्ट सर्किट की वजह ज्यादातर समय यूजर्स की लापरवाही ही होती है. इसमें फोन को चार्जिंग में लगाकर उसको इस्तेमाल करना, गलत या नॉन-ब्रांडेड चार्जर का इस्तेमाल करना और फोन को ओवर चार्ज कर देना बड़ी वजहें हैं. इसके साथ ही साथ स्मार्टफोन के तापमान और उसकी बैटरी पर भी ध्यान देना यूजर के लिए जरूरी होता है.

चार्ज हो रहा था फोन और गेम खेल रहे थे बच्चे, शॉर्ट सर्किट से घर में लगी आग, 4 बच्चों की मौत; कहीं आप भी तो नहीं करते यह गलती

फोन और चार्जर में क्यों लग जाती है आग?

चार्ज करते समय फोन काे यूज न करें

चार्ज करने के समय फोन की बैटरी गर्म हो जाती है. ऐसे में चार्ज करने के दौरान हैंडसेट का इस्तेमाल कॉल करने, गेम खेलने, वीडियो प्ले करने और डाउनलोड करने से बड़ा खतरा हो सकता है.

गलत चार्जर का इस्तेमाल न करें

फोन को चार्ज करने के लिए लोग अक्सर कोई भी चार्जर, केबल और अडैप्टर यूज कर लेते हैं. यह खतरनाक हो सकता है. फोन चार्ज करने के लिए हमेशा ब्रांडेड और ओरिजिनल चार्जर इस्तेमाल करें. कुछ लोग थोड़े पैसे बचाने के लिए लोकल चार्जर का इस्तेमाल कर लेते हैं, ऐसा करने से बचना चाहिए.

WhatsApp Tips: इन बातों का नहीं रखेंगे ख्याल, तो हैक हो जाएगा व्हॉट्सऐप अकाउंट

बैटरी पर भी ध्यान देना जरूरी

फोन की बैटरी जब खराब होने लग जाती है, तो यह अपने वास्तविक आकार से बड़ी होकर फूल जाती है. बहुत से यूजर स्मार्टफोन की फूली हुई बैटरी को नजरअंदाज कर देते हैं. ऐसी स्थिति में फोन को चार्ज करना खतरे से खाली नहीं है.

स्मार्टफोन गर्म तो नहीं हो रहा?

फोन का गर्म या ठंडा होना मौसम की स्थिति पर निर्भर कर सकता है. लेकिन फोन अगर बहुत ज्यादा समय तक गर्म है, तो ऐसी स्थिति में फोन को रखना इसे ओवरहीट कर देता है. ओवरहीट फोन को चार्ज करना कोई मुसीबत खड़ी कर सकता है.

किस जगह पर चार्ज कर रहे फोन?

फोन को चार्ज करने की जगह भी मायने रखती है. चार्जिंग पर लगाकर फोन को ऐसी जगह छोड़ना, जहां इसे हीट मिले, खतरनाक हो सकता है. कंपनियां यूजर्स को सलाह देती हैं कि फोन को चार्जिंग के दौरान बेड पर या तकिया के नीचे रखने से बचें.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >