सोशल मीडिया की गंदगी दूर करने के लिए मौजूदा कानून नाकाफी, केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में कही यह बात

वैष्णव ने भाजपा सांसद अरुण गोविल के पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा, आज सोशल मीडिया प्रेस की स्वतंत्रता के लिए एक मंच है, लेकिन यह अनियंत्रित है और इस पर अश्लील सामग्री भी है.

Social Media Laws for Obscene Content: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि सोशल मीडिया मंचों पर अश्लील सामग्री पर अंकुश लगाने के लिए मौजूदा कानूनों को और सख्त बनाने की जरूरत है. सूचना और प्रसारण मंत्री वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि संसद की स्थायी समिति को इस मुद्दे को लेना चाहिए.

सख्त कानून के लिए आम सहमति का आह्वान

उन्होंने इस संबंध में अधिक सख्त कानून बनाने के लिए आम सहमति का भी आह्वान किया. सदन में एक पूरक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि पहले संपादकीय निगरानी होती थी और यह तय होता था कि क्या कुछ सही है या गलत, लेकिन अब वह जांच खत्म हो गई है.

ताकि निरंकुश न हो सोशल मीडिया

न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, वैष्णव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य अरुण गोविल के पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा, आज सोशल मीडिया प्रेस की स्वतंत्रता के लिए एक मंच है, लेकिन यह अनियंत्रित है और इस पर अश्लील सामग्री भी है. सदन में प्रश्नकाल में कुछ मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच वैष्णव ने कहा कि सोशल मीडिया मंचों पर अश्लील सामग्री पर अंकुश लगाने के लिए मौजूदा कानूनों को और अधिक सख्त बनाने की जरूरत है.

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Published by: Rajeev kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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