दिनभर स्क्रॉल करते हैं? फोन की लत से छुटकारा पाने के आसान और असरदार टिप्स जानिए

अगर आप बार-बार फोन चेक करने की आदत से परेशान हैं, तो ये आसान टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं. नोटिफिकेशन कंट्रोल, ऐप लिमिट और नई आदतें अपनाकर स्क्रीन टाइम कम किया जा सकता है.

आज के समय में स्मार्टफोन सिर्फ एक डिवाइस नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की आदत बन चुका है. कई बार हम बिना सोचे-समझे घंटों सोशल मीडिया स्क्रॉल करते रहते हैं और पता भी नहीं चलता कि समय कब निकल गया. अगर आप भी फोन को बार-बार चेक करने की आदत से परेशान हैं, तो कुछ आसान बदलाव आपकी इस आदत को धीरे-धीरे कंट्रोल कर सकते हैं.

फोन खोलना ही बना दें मुश्किल, आदत खुद कम होगी

सोशल मीडिया की लत तोड़ने का सबसे आसान तरीका है इसे थोड़ा मुश्किल बना देना.

अगर ऐप खोलना आसान होगा, तो आप बार-बार उसे यूज करेंगे. इसलिए फोन को ग्रेस्केल मोड में डालना एक अच्छा तरीका है. इससे स्क्रीन के चमकीले रंग खत्म हो जाते हैं और ऐप्स कम आकर्षक लगते हैं.

इसके अलावा जरूरी ऐप्स को होम स्क्रीन से हटा दें. जब हर बार सर्च करके ऐप खोलना पड़ेगा, तो आप खुद ही सोचेंगे कि वाकई जरूरत है या नहीं.

नोटिफिकेशन कंट्रोल करें, दिमाग रहेगा शांत

हर छोटी अपडेट का नोटिफिकेशन हमें फोन उठाने के लिए मजबूर करता है.

अगर आप गैर-जरूरी नोटिफिकेशन बंद कर देते हैं, तो फोन बार-बार चेक करने की आदत अपने आप कम हो जाएगी.

सोशल मीडिया ऐप्स को एक ही फोल्डर में रखकर होम स्क्रीन के आखिरी पेज पर डाल देना भी एक स्मार्ट ट्रिक है.

स्क्रीन टाइम पर नजर रखें, खुद से सवाल पूछें

फोन का इस्तेमाल कम करने के लिए सबसे जरूरी है खुद को समझना.

आप ऐप टाइमर सेट कर सकते हैं, जिससे हर दिन के लिए एक लिमिट तय हो जाती है. जैसे ही समय पूरा होता है, ऐप बंद हो जाता है.

फोन खोलने से पहले खुद से पूछें कि आप क्या करना चाहते हैं. यह छोटी सी आदत आपको बिना सोचे स्क्रॉल करने से रोक सकती है.

नई आदत बनाएं, पुरानी खुद छूटेगी

फोन की लत को सिर्फ रोकने से काम नहीं चलता, उसे किसी अच्छी आदत से बदलना जरूरी होता है.

जब भी फोन चेक करने का मन करे, उस समय किताब पढ़ना, टहलना या कोई छोटा काम करना शुरू करें.

अगर आप अपने हाथों को व्यस्त रखते हैं, जैसे ड्रॉइंग, कुकिंग या कोई हॉबी, तो ध्यान अपने आप फोन से हटने लगता है.

टेक-फ्री टाइम बनाएं, धीरे-धीरे बढ़ाएं दूरी

एकदम से फोन छोड़ना मुश्किल होता है, इसलिए धीरे-धीरे शुरुआत करें.

हफ्ते में एक दिन या दिन में कुछ घंटे ऐसे तय करें, जब आप फोन से पूरी तरह दूर रहें.

समय के साथ यह आदत मजबूत हो जाएगी और स्क्रीन टाइम कम करना आसान लगेगा.

इस लत से छुटकारा पाना नामुमकिन नहीं

सोशल मीडिया की लत कोई छोटी समस्या नहीं है, लेकिन इसे कंट्रोल करना भी नामुमकिन नहीं. छोटे-छोटे बदलाव और सही आदतों से आप अपने फोन पर कंट्रोल पा सकते हैं.

याद रखें, फोन आपके लिए है, आप फोन के लिए नहीं.

यह भी पढ़ें: Success Hack: जिंदगी में आगे बढ़ना है? स्मार्टफोन की ये सेटिंग जरूर ऑन करें

यह भी पढ़ें: स्मार्टफोन कवर सच में बचाता है या बढ़ाता है खतरा? केस लगाने से फोन को हो सकते हैं ये नुकसान

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >