AI Skill India Vision: भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को लेकर नई दिशा तय हो रही है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्पष्ट कहा है कि एआई केवल तकनीकी प्रगति का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और आर्थिक विकास का बड़ा अवसर है. उनका जोर इस बात पर रहा कि एआई का लाभ हर वर्ग तक पहुंचे, खासकर उन तक जो अब तक तकनीकी संसाधनों से दूर रहे हैं.
एआई से अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार
राष्ट्रपति ने बताया कि आने वाले दशकों में एआई भारत की जीडीपी, रोजगार और उत्पादकता में निर्णायक योगदान देगा. भारत तेजी से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है और एआई इसमें इंजन की भूमिका निभाएगा.
बाधाओं को तोड़ने का औजार बनेगा एआई
मुर्मू ने कहा कि सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी रुकावटों को कम करने के लिए एआई का इस्तेमाल होना चाहिए. यह तकनीक न केवल उद्योग जगत बल्कि शिक्षा और ग्रामीण विकास में भी नई संभावनाएं खोल सकती है.
शिक्षा नीति में एआई की अहमियत
राष्ट्रपति ने नागरिकों से आह्वान किया कि नई शिक्षा नीति के जरिए भारत को ज्ञान महाशक्ति बनाया जाए. स्कूलों में एआई लैब्स और मॉडल्स के जरिए बच्चों को तकनीकी नेतृत्व के लिए तैयार किया जा रहा है.
बच्चों में इनोवेटिव सोच
एआई लैब्स और मॉडल्स से छात्रों में भविष्य उन्मुख कौशल और नवोन्मेषी सोच विकसित की जा रही है. यह पहल बच्चों को केवल उपभोक्ता नहीं बल्कि तकनीक के निर्माता बनने की दिशा में आगे बढ़ा रही है.
‘स्किल द नेशन चैलेंज’ से बड़ा अभियान
सरकार ने ‘स्किल द नेशन चैलेंज’ शुरू किया है, जिसका मकसद बड़े पैमाने पर एआई सीखने और नवाचार को बढ़ावा देना है. यह अभियान युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
यह भी पढ़ें: ChatGPT ने खोला चैटिंग का पूरा हिसाब, धूम मचा रहा नया रिकैप फीचर
यह भी पढ़ें: 12वीं के बाद बनें AI एक्सपर्ट, UG के साथ करें Integrated Course, रोजगार और करियर के नए अवसर
