रक्षाबंधन पर बदला खरीदारी का अंदाज: क्विक कॉमर्स का बढ़ा क्रेज, प्रति मिनट बिकीं 2000 राखियां

ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स मंचों पर रक्षाबंधन के ऑर्डर में भारी तेजी आई. टियर-3 और टियर-4 शहरों से 73% मांग और जेनरेशन-जी के त्वरित रुझान ने फेस्टिव ई-कॉमर्स को नया आयाम दिया.

क्या आप जानते हैं कि इस रक्षाबंधन पर डिजिटल खरीदारियों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. देश के बड़े ई-कॉमर्स और फटाफट डिलीवरी मंचों पर राखी और त्योहार से जुड़े उपहारों के ऑर्डर में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई. इस फेस्टिव सीजन में उपभोक्ताओं की पसंद में बड़ा बदलाव आया. आखिरी समय में खरीदारी करने वालों ने फटाफट डिलीवरी सेवाओं को खूब पसंद किया, वहीं छोटे शहरों और कस्बों की वजह से कुल मांग नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई. तेज डिलीवरी मॉडल, छोटे शहरों और कस्बों की बढ़ती डिजिटल भागीदारी और Gen-Z की बदलती पसंद ने इस बार के रक्षाबंधन कारोबार को एक नया आयाम दिया है.

छोटे शहरों और कस्बों से डिजिटल क्रांति: रक्षाबंधन की 73% मांग यहीं से आई

न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार, त्योहार के दौरान छोटे शहरों और कस्बों से आई मांग ने ई-कॉमर्स कंपनियों की बिक्री को जबरदस्त रफ्तार दी. बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले इस बार ऑर्डर वॉल्यूम में 36 फीसदी और कुल बिक्री के मूल्य (GMV) में 38 फीसदी की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई. सबसे खास बात यह रही कि कंपनी को प्राप्त कुल ऑर्डर में से लगभग 73 प्रतिशत हिस्सेदारी छोटे शहरों और कस्बों से थी. उत्तर प्रदेश का औद्योगिक कस्बा दादरी इस दौड़ में सबसे आगे रहा, जहां सालाना आधार पर ऑर्डर में 105 प्रतिशत का इजाफा हुआ. इसके अतिरिक्त ओडिशा का नबरंगपुर, यूपी का कासगंज तथा मध्य प्रदेश के धमतरी व नैनपुर जैसे टियर-3 और टियर-4 शहरों ने बिक्री में नए रिकॉर्ड बनाए. इन शहरों में, खासकर नबरंगपुर में, पारंपरिक कपड़ों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू साज-सज्जा के सामान की भी खूब मांग देखी गई. इस मांग को पूरा करने के लिए राखी विक्रेताओं की संख्या में भी 72 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई.

फ्लिपकार्ट मिनट्स का जलवा: Gen-Z की पसंद बनीं क्विक कॉमर्स सेवाएं

आखरी वक्त में राखी के उपहार चुनने और जल्द से जल्द डिलीवरी पाने की चाह ने फटाफट डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स की चांदी कर दी. फ्लिपकार्ट के फटाफट डिलीवरी वर्टिकल 'फ्लिपकार्ट मिनट्स' पर त्यौहार के दौरान खरीदारी का आंकड़ा तीन गुना तक बढ़ गया. प्लेटफॉर्म पर शाम 4 बजे से रात 10 बजे के बीच सबसे अधिक ट्रैफिक देखा गया, जहां व्यस्ततम समय के दौरान प्रति मिनट 2,000 से अधिक राखियां बेची गईं. इस त्वरित खरीदारी रुझान में युवाओं की भूमिका सबसे अहम रही, जिसमें कुल खरीदारों में 40% से ज़्यादा हिस्सा Gen-Z का रहा. जहाँ छोटे शहरों ने मांग बढ़ाई, वहीं दूसरी ओर, आखिरी मिनट की खरीदारी के लिए फटाफट डिलीवरी सेवाओं का भी दबदबा रहा.

पारंपरिक डिजाइनों से आगे बढ़कर प्रीमियम और इनोवेटिव प्रोडक्ट्स की मांग

इस रक्षाबंधन पर भारतीय उपभोक्ताओं का ध्यान केवल पारंपरिक राखियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रीमियम और अनोखे डिजाइनों की भारी मांग रही. अमेजन के फटाफट डिलीवरी मंच 'अमेजन नाव' (Amazon Now) के अनुसार, ग्राहकों ने मीनाकारी, कुंदन और ‘ईविल आई’ जैसे आधुनिक व कलात्मक डिजाइनों को खूब तरजीह दी. इसके साथ ही बच्चों के लिए कलरिंग बुक, पालतू जानवरों के लिए विशेष राखियां और हनुमान चालीसा थीम वाली राखियां भी आकर्षण का केंद्र बनीं. खान-पान के मामले में भी प्रीमियम उत्पादों की बिक्री में उछाल आया; आम दिनों की तुलना में चॉकलेट गिफ्ट्स की मांग 2.5 गुना और मशहूर मिठाई काजू कतली की बिक्री दोगुनी दर्ज की गई.

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1. रक्षाबंधन पर किस तरह के शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स को सबसे ज्यादा फायदा हुआ?

इस बार ई-कॉमर्स और फटाफट डिलीवरी दोनों ही प्लेटफॉर्म्स को भारी बढ़त मिली. जहां ई-कॉमर्स के जरिए छोटे शहरों से पहले से तय खरीदारी के ऑर्डर आए, वहीं फटाफट डिलीवरी का इस्तेमाल आखिरी समय में झटपट राखी और उपहार मंगाने के लिए किया गया.

2. किस उम्र के खरीदारों ने ऑनलाइन राखी की खरीदारी में सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई?

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, विशेष रूप से फटाफट डिलीवरी सेवाओं (जैसे फ्लिपकार्ट मिनट्स) पर खरीदारी करने वालों में 40 प्रतिशत से अधिक संख्या Gen-Z यानी युवाओं की रही.

3. कौन से छोटे शहरों में ऑनलाइन राखी ऑर्डर की सबसे ज्यादा वृद्धि देखी गई?

उत्तर प्रदेश के दादरी में सबसे अधिक 105 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई. इसके अलावा ओडिशा का नबरंगपुर, उत्तर प्रदेश का कासगंज और मध्य प्रदेश के धमतरी व नैनपुर जैसे कस्बों में भी जबरदस्त तेजी रही.

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By राजीव कुमार

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