आजकल मोबाइल से खींची गई तस्वीरें सिर्फ यादें ही नहीं, बल्कि कई छिपी जानकारियां भी अपने साथ रखती हैं. अक्सर आपने सुना होगा कि “एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है”, लेकिन असल में तस्वीरें हजार से भी ज्यादा बातें कह सकती हैं. इनमें छिपा EXIF डेटा आपके कैमरे की सेटिंग्स से लेकर फोटो खींचे जाने का समय और जगह तक बता देता है.
EXIF डेटा क्या है?
हर डिजिटल फोटो के अंदर एक खास तरह का मेटाडेटा सेव होता है, जिसे EXIF (Exchangeable Image File Format) कहते हैं. इसमें कैमरा मॉडल, शटर स्पीड, तारीख, समय और GPS लोकेशन जैसी जानकारी दर्ज रहती है. यानी अगर किसी फोटो में यह डेटा मौजूद है, तो उससे आसानी से पता लगाया जा सकता है कि तस्वीर कब और कहां ली गई थी.
लोकेशन जानने के ऑनलाइन टूल्स
इंटरनेट पर कई ऐसे पोर्टल मौजूद हैं जो फोटो अपलोड करने पर उसकी लोकेशन बता देते हैं. इनमें से Pic2Map काफी लोकप्रिय है. यहां आप कोई भी फोटो डालें और अगर उसमें EXIF डेटा मौजूद है, तो यह आपको उस जगह का नक्शा दिखा देगा.
ध्यान रखने वाली बातें
- अगर फोटो को एडिट किया गया है, तो अक्सर EXIF डेटा डिलीट हो जाता है
- सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर अपलोड की गई तस्वीरों से भी यह डेटा हटा दिया जाता है
- इसलिए हर फोटो से लोकेशन पता लगाना संभव नहीं होता.
प्राइवेसी का पहलू
लोकेशन जैसी संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखना जरूरी है. कई पोर्टल्स पर फोटो अपलोड करते समय “Keep Photo Private” का विकल्प दिया जाता है, जिसे चुनकर आप अपनी तस्वीरों को सुरक्षित रख सकते हैं.
फोटो से निकलेगी लोकेशन और टाइम डिटेल
तस्वीरें सिर्फ यादों का जरिया नहीं, बल्कि तकनीक की नजर से वे एक डेटा फाइल भी हैं. अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो फोटो से लोकेशन और टाइम जैसी अहम जानकारियां निकाली जा सकती हैं. लेकिन साथ ही प्राइवेसी का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है.
यह भी पढ़ें: स्मार्टफोन कंपनियां क्यों बढ़ा रही हैं eSIM सपोर्ट? क्या यह फिजिकल सिम से बेहतर है?
