भारत में डिजिटल पेमेंट अब सिर्फ बड़ों तक सीमित नहीं रह गया है. स्कूल और कॉलेज जाने वाले बच्चे भी रोजाना मेट्रो, कैंटीन, ऑनलाइन शॉपिंग, मोबाइल रिचार्ज और कैब बुकिंग जैसी जरूरतों के लिए यूपीआई का इस्तेमाल करना चाहते हैं. इसी बदलती आदत को देखते हुए पेटीएम ने नया पॉकेट मनी फीचर लॉन्च किया है, जो किशोरों को बिना खुद का बैंक अकाउंट खोले यूपीआई पेमेंट करने की सुविधा देगा. खास बात यह है कि पूरा कंट्रोल माता-पिता के हाथ में रहेगा. वे बच्चों के खर्च की लिमिट तय कर सकेंगे, हर ट्रांजैक्शन को लाइव ट्रैक कर पाएंगे और जरूरत पड़ने पर तुरंत ऐक्सेस भी बंद कर सकेंगे.
अब बच्चों को OTP मांगने की जरूरत नहीं
अब तक ज्यादातर बच्चे ऑनलाइन पेमेंट के लिए माता-पिता का फोन इस्तेमाल करते थे या फिर OTP मांगना पड़ता था. कई बार QR कोड व्हाट्सऐप पर भेजकर पेमेंट कराया जाता था. पेटीएम के नए फीचर के बाद बच्चे अपने स्मार्टफोन पर पेटीएम ऐप के जरिए खुद यूपीआई पेमेंट कर सकेंगे. इससे डिजिटल पेमेंट आसान होने के साथ-साथ ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित भी हो जाएगा.
पैरेंट्स तय करेंगे खर्च की लिमिट
कंपनी के मुताबिक, यह फीचर NPCI के UPI Circle सिस्टम पर आधारित है. इसके जरिए माता-पिता अपने अकाउंट से बच्चों को नियंत्रित डिजिटल पेमेंट ऐक्सेस दे सकते हैं. पैरेंट्स हर महीने अधिकतम ₹15,000 तक की लिमिट सेट कर सकते हैं, जबकि एक बार में ₹5,000 तक का पेमेंट किया जा सकेगा. खास बात यह है कि पूरा कंट्रोल मुख्य अकाउंट होल्डर के पास रहेगा.
अगर जरूरत महसूस हो तो पैरेंट्स किसी भी समय खर्च की सीमा बदल सकते हैं या बच्चों का ऐक्सेस बंद कर सकते हैं. इसके लिए सिर्फ पेटीएम यूपीआई पिन की जरूरत होगी.
सुरक्षा के लिए लगाए गए खास नियम
ऑनलाइन फ्रॉड और गलत ट्रांजैक्शन से बचाने के लिए पेटीएम ने कई इन-बिल्ट सेफ्टी फीचर्स जोड़े हैं. फीचर एक्टिव होने के शुरुआती 30 मिनट में सिर्फ ₹500 तक का ट्रांजैक्शन किया जा सकेगा. वहीं पहले 24 घंटे में अधिकतम ₹5,000 तक की सीमा रहेगी.
इसके अलावा इंटरनेशनल पेमेंट और कैश निकासी जैसी सुविधाओं को ब्लॉक रखा गया है. डिवाइस लॉक भी अनिवार्य होगा, ताकि किसी और के हाथ में फोन जाने पर गलत इस्तेमाल न हो सके.
खर्च का पूरा हिसाब रखेगा Spend Summary
पेटीएम ने इस फीचर को अपने Spend Summary सिस्टम से भी जोड़ा है. इसका फायदा यह होगा कि हर खर्च अपने-आप अलग-अलग कैटेगरी में दिखेगा. इससे परिवार आसानी से ट्रैक कर पाएंगे कि पैसा कहां खर्च हो रहा है. साथ ही बच्चों को कम उम्र से ही पैसों का सही इस्तेमाल और बजट मैनेजमेंट सीखने में मदद मिलेगी.
डिजिटल पॉकेट मनी की तरफ बढ़ता भारत
भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल पेमेंट कल्चर के बीच यह फीचर युवाओं को कैशलेस दुनिया से जल्दी जोड़ सकता है. खासकर उन परिवारों के लिए यह काफी उपयोगी साबित हो सकता है, जो बच्चों को सीमित और सुरक्षित डिजिटल खर्च की सुविधा देना चाहते हैं. आने वाले समय में ऐसे फीचर्स डिजिटल फाइनेंशियल एजुकेशन को भी मजबूत बना सकते हैं.
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