आजकल इंटरनेट के दौर में लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करना बेहद आसान हो गया है. कई बार लोग सिर्फ उत्सुकता में या अलग-अलग ऑफर्स की तुलना करने के लिए कई मोबाइल ऐप्स और बैंकिंग पोर्टल्स पर एक साथ लोन के लिए आवेदन कर देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यही एक डिजिटल आदत आपके सिबिल स्कोर को पूरी तरह से तबाह कर सकती है? जब भी आप किसी प्लैटफॉर्म पर क्रेडेंशियल्स डालकर लोन पात्रता की जांच करते हैं, तो बैकएंड में बैंक आपकी हार्ड इंक्वायरी (Hard Inquiry) दर्ज करते हैं. इससे क्रेडिट ब्यूरो को लगता है कि आप पैसों के संकट से जूझ रहे हैं और लोन के लिए बेहद उत्सुक हैं, जिससे आपका क्रेडिट स्कोर तेजी से नीचे गिरने लगता है.
मल्टिपल लोन ऐप्स और क्रेडिट कार्ड का ऑनलाइन जाल
आजकल स्मार्टफोन यूजर्स के बीच फिनटेक और बाय नाउ पे लेटर (BNPL) ऐप्स का चलन तेजी से बढ़ा है. लोग बिना सोचे-समझे कई तरह के शॉर्ट-टर्म लोन ऐप्स डाउनलोड करते हैं और उन पर रजिस्ट्रेशन कर देते हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन ऐप्स पर की जाने वाली हर एक्टिविटी आपकी क्रेडिट हिस्ट्री पर एक गुप्त हार्ड पुल (Hidden Hard Pull) की तरह काम करती है. इसके अलावा, अलग-अलग बैंकों की वेबसाइट्स पर जाकर एक ही समय में कई इंस्टेंट क्रेडिट कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन करना भी आपके सिबिल प्रोफाइल को गंभीर नुकसान पहुंचाता है.
ई-कॉमर्स शॉपिंग और डिजिटल लिमिट पार करने का जोखिम
अक्सर ऑनलाइन शॉपिंग सेल के दौरान लोग अपने क्रेडिट कार्ड या डिजिटल क्रेडिट लिमिट का अंधाधुंध इस्तेमाल करते हैं. क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के नियमों के अनुसार, यदि आप अपनी कुल स्वीकृत डिजिटल क्रेडिट लिमिट का 30 फीसदी से अधिक हिस्सा खर्च कर देते हैं, तो यह आपकी वित्तीय स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव डालता है. ई-कॉमर्स साइट्स पर अपनी लिमिट को पूरी तरह से समाप्त करना यानी मैक्सिंग आउट करना, क्रेडिट ब्यूरो को यह संकेत देता है कि आप पूरी तरह से कर्ज पर निर्भर हैं, जो अंततः आपके स्कोर को घटा देता है.
ऑटो-डेबिट फेलियर और नोटिफिकेशन बंद करने की लापरवाही
डिजिटल बैंकिंग को आसान बनाने के लिए लोग ई-मैंडेट (e-Mandate) या नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (NACH) के जरिए ऑटो-डेबिट सेट कर देते हैं. लेकिन अपने बैंक अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस न रखना और इस वजह से ऑटो-डेबिट का फेल होना सीधे तौर पर एक डिफॉल्ट माना जाता है. इसके साथ ही, कई लोग बैंकिंग ऐप्स के नोटिफिकेशन्स को बंद कर देते हैं, जिससे उन्हें आखिरी तारीखों या डायनैमिक बिलिंग साइकिल का पता नहीं चलता और अनजाने में पेमेंट्स मिस हो जाती हैं. यदि आपका कोई ऑनलाइन बिल विवादित है, तब भी भुगतान रोकने की गलती न करें, क्योंकि ब्यूरो इसे लेट पेमेंट ही मानेगा.
डिजिटल को-साइनिंग और साइबर अनदेखी के खतरे
आजकल लोग अपने किसी दोस्त या रिश्तेदार के लोन आवेदन को ऑनलाइन पोर्टल्स के जरिए डिजिटल रूप से को-साइन (Co-sign) कर देते हैं. ऐसा करके आप कानूनी रूप से उस कर्ज के बराबर के भागीदार बन जाते हैं और यदि मुख्य कर्जदार ऑनलाइन भुगतान में चूक करता है, तो आपका सिबिल स्कोर भी डूब जाता है. इसके अलावा, ट्रांसयूनियन सिबिल के ऑफिशियल डैशबोर्ड पर जाकर समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की ऑनलाइन जांच न करना भी भारी पड़ सकता है, क्योंकि इससे कोई बैंकिंग एरर या आपके नाम पर हुआ साइबर फ्रॉड पकड़ में नहीं आ पाता.
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