बिजली की रफ्तार से चलेगा पुराना स्लो स्मार्टफोन, ये टिप्स अपनाकर बन जाएगा काम

Old Phone Speed Fast Tips: पुराना स्मार्टफोन धीमा हो गया? इन आसान टिप्स से उसकी स्पीड फिर से बिजली जैसी तेज हो जाएगी

Old Phone Speed Fast Tips: आजकल हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन है, लेकिन कुछ साल इस्तेमाल के बाद वही फोन सुस्त पड़ने लगता है. ऐप्स का बोझ, बेकार फाइलें और लगातार बैकग्राउंड प्रॉसेसिंग इसकी रफ्तार को धीमा कर देते हैं. अगर आपका पुराना फोन अब झुंझलाहट देने लगा है, तो घबराइए मत. कुछ आसान उपाय अपनाकर आप इसे फिर से तेज बना सकते हैं.

बेकार फाइलें और ऐप्स हटाइए

फोन की मेमोरी में जितनी ज्यादा फाइलें और ऐप्स होंगे, उतना ही सिस्टम पर दबाव बढ़ेगा. जरूरी फोटो, वीडियो और ऐप्स ही रखें, बाकी को तुरंत डिलीट कर दें. इससे स्टोरेज खाली होगा और बैकग्राउंड एक्टिविटी कम होगी.

होम स्क्रीन को हल्का रखिए

कई लोग स्क्रीन पर ढेरों विजेट्स लगा लेते हैं. ये विजेट्स हर बार फोन ऑन होते ही डेटा लोड करते हैं और प्रॉसेसर पर बोझ डालते हैं. बेहतर होगा कि होम स्क्रीन को साफ-सुथरा रखें और सिर्फ जरूरी विजेट्स ही इस्तेमाल करें.

डेवलपर ऑप्शन से बढ़ाइए स्पीड

फोन की सेटिंग्स में मौजूद डेवलपर ऑप्शन आपके लिए गुप्त हथियार है. यहां जाकर बैकग्राउंड प्रॉसेस लिमिट को नो बैकग्राउंड प्रॉसेस पर सेट करें. साथ ही, एनिमेशन स्केल और ड्यूरेशन को कम कर दें. इससे फोन की स्पीड तुरंत तेज महसूस होगी.

सिस्टम अपडेट करना न भूलें

कंपनियां समय-समय पर अपडेट जारी करती हैं, जिनसे फोन में नये फीचर्स आते हैं और पुराने बग्स ठीक होते हैं. अगर आप अपडेट को नजरअंदाज करते हैं, तो फोन की परफॉर्मेंस गिर सकती है. इसलिए हमेशा ऑपरेटिंग सिस्टम को अप-टू-डेट रखें.

आखिरी उपाय: फैक्ट्री रीसेट

अगर तमाम कोशिशों के बाद भी फोन बेहद धीमा है, तो फैक्ट्री रीसेट ही अंतिम उपाय है. ध्यान रहे, इससे आपका सारा डेटा मिट जाएगा. इसलिए पहले बैकअप लेना जरूरी है. रीसेट के बाद फोन बिल्कुल नये जैसा काम करेगा.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. क्या विजेट्स हटाने से सच में फोन तेज होता है?

हां, विजेट्स लगातार डेटा लोड करते हैं, इन्हें हटाने से प्रॉसेसर पर दबाव कम होता है.

Q2. डेवलपर ऑप्शन में बदलाव करना सुरक्षित है?

जी हां, बैकग्राउंड प्रॉसेस और एनिमेशन स्केल कम करना पूरी तरह सुरक्षित है.

Q3. क्या हर अपडेट इंस्टॉल करना जरूरी है?

बिल्कुल, अपडेट से फोन सुरक्षित रहता है और परफॉर्मेंस बेहतर होती है.

Q4. फैक्ट्री रीसेट करने से क्या नुकसान है?

नुकसान सिर्फ इतना है कि आपका सारा डेटा मिट जाएगा, इसलिए बैकअप जरूरी है.

Q5. क्या थर्ड-पार्टी ऐप्स से फोन धीमा होता है?

हां, थर्ड-पार्टी ऐप्स में मैलवेयर का खतरा होता है और ये सिस्टम को स्लो कर सकते हैं.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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