New Year WhatsApp Scams: वॉट्सऐप पर आ रही नए साल की बधाइयां हो सकती हैं स्कैम, जानें कैसे रहें सेफ

New Year WhatsApp Scams: नया साल आते ही WhatsApp पर बधाइयों की बाढ़ आ जाती है, लेकिन इसी बीच स्कैम का खतरा भी बढ़ जाता है. साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार फेस्टिव सीजन में ठग फर्जी लिंक और ऑफर्स से यूजर्स को टारगेट बनाते हैं. आइए आपको बताते हैं किन-किन तरीकों से स्कैम किया जाता हो और कैसे सेफ रहें.

New Year WhatsApp Scams: जैसे-जैसे नया साल 2026 करीब आता है, लोगों के फोन पर बधाइयों, मैसेज और सेलिब्रेशन प्लान्स की भरमार होने लगती है. कई मैसेज खुशी देते हैं, लेकिन कुछ में बड़ा खतरा भी छिपा होता है. साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फेस्टिव सीजन में WhatsApp पर ठग ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं. वे फर्जी ऑफर्स, लिंक और मैसेज के जरिए यूजर्स को फंसाने की कोशिश करते हैं. चूंकि इस वक्त लाखों लोग अपनों को बधाई देने के लिए WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए स्कैमर्स इसे लोगों को ठगने का आसान मौका मानते हैं.

New Year WhatsApp Scams क्या होते हैं?

नए साल के मौके पर WhatsApp पर होने वाले कुछ स्कैम सबसे ज्यादा सामने आते हैं. इनमें सबसे आम है फर्जी न्यू ईयर रिवॉर्ड या गिफ्ट ऑफर का झांसा. ऐसे मैसेज में कहा जाता है कि आपने कैशबैक, वाउचर या इनाम जीता है और लिंक पर क्लिक करने को कहा जाता है. ये लिंक अक्सर नकली वेबसाइट पर ले जाते हैं, जहां आपकी पर्सनल या बैंक से जुड़ी जानकारी चुरा ली जाती है.

एक और तरीका है फर्जी पार्टी इनवाइट या इवेंट पास. इन मैसेज में दिए गए छोटे या अनजान लिंक फोन में नुकसानदायक सॉफ्टवेयर डाल सकते हैं या आपको असुरक्षित वेबसाइट पर भेज सकते हैं. इसके अलावा ठग न्यू ईयर की शुभकामनाओं वाली फोटो या वीडियो भी भेजते हैं. देखने में ये नॉर्मल लगते हैं, लेकिन इन्हें डाउनलोड करने से फोन में मालवेयर आ सकता है, जो चुपचाप आपका डेटा चोरी कर लेता है.

सबसे खतरनाक स्कैम WhatsApp अकाउंट टेकओवर का होता है. इसमें ठग आपसे छह अंकों का OTP शेयर करने को कहते हैं, यह कहकर कि वेरिफिकेशन के लिए जरूरी है. जैसे ही OTP शेयर किया जाता है, ठग आपके अकाउंट का पूरा कंट्रोल ले लेते हैं और उसी अकाउंट से दूसरों को ठगने लगते हैं.

WhatsApp स्कैम को कैसे पहचानें?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्यादातर स्कैम मैसेज में कुछ कॉमन संकेत होते हैं. ऐसे मैसेज जल्दीबाजी का माहौल बनाते हैं, बड़े इनाम या ऑफर का लालच देते हैं, या तुरंत कोई एक्शन लेने को कहते हैं. अनजान नंबर से आया मैसेज, गलत स्पेलिंग, अजीब लिंक, या OTP, PIN और बैंक डिटेल्स मांगना साफ खतरे का संकेत है. असली कंपनियां या खुद WhatsApp कभी भी मैसेज के जरिए ऐसी जानकारी नहीं मांगते.

खुद को सेफ कैसे रखें?

यूजर्स को चाहिए कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी अनजान सोर्स से फाइल डाउनलोड न करें. WhatsApp में टू-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन करने से अकाउंट की सेफ्टी और मजबूत हो जाती है. किसी भी ऑफर को मानने से पहले उसे ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप पर जरूर चेक करें. अगर कोई मैसेज संदिग्ध लगे, तो उसे WhatsApp के रिपोर्ट फीचर से रिपोर्ट कर ब्लॉक कर दें, ताकि स्कैम आगे न फैल सके.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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