FatBoyPanel मालवेयर से अलर्ट! एंड्रॉयड यूजर्स का बैंक अकाउंट एक झटके में हो जाएगा खाली

‘FatBoyPanel’ नामक एक नया मैलवेयर भारत में 2.5 करोड़ से अधिक एंड्रॉयड डिवाइसों को अपना निशाना बना चुका है. यह खतरनाक सॉफ्टवेयर फर्जी बैंकिंग ऐप्स के रूप में व्हाट्सएप पर साझा किया जा रहा है, जिससे यूजर्स की गोपनीय जानकारी और वित्तीय सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है.

FatBoyPanel Malware: भारत में एक नया मालवेयर ‘FatBoyPanel’ तेजी से फैल रहा है, जिससे देशभर में 2.5 करोड़ से अधिक एंड्रॉयड डिवाइस खतरे में आ गए हैं. यह मालवेयर फर्जी बैंकिंग ऐप्स के रूप में व्हाट्सएप के जरिए साझा किया जा रहा है और यूजर्स के बैंक खातों से सीधे पैसे चुराने के लिए डिजाइन किया गया है.

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहले के मालवेयर की तुलना में कहीं ज्यादा एडवांस्ड है और खासतौर पर भारतीय बैंकिंग सिस्टम को निशाना बनाकर तैयार किया गया है. लोगों को सतर्क रहने और अज्ञात स्रोतों से ऐप डाउनलोड करने से बचने की सलाह दी गई है. आइए विस्तार से जानते हैं क्या है यह ‘FatBoyPanel’ मालवेयर और इससे आप कैसे बच सकते हैं. 

कैसे काम करता है ‘FatBoyPanel’ मालवेयर

साइबर सुरक्षा कंपनी Zimperium ने एक खतरनाक मोबाइल बैंकिंग ट्रोजन ‘FatBoyPanel’ का खुलासा किया है. यह मैलवेयर अब तक करीब 900 फर्जी ऐप्स में छिपा पाया गया है और मुख्य रूप से APK फाइल्स के जरिए फैलता है, जिन्हें Google Play Store के बाहर से इंस्टॉल किया जाता है.

यह भी पढ़े: WhatsApp Image Scam: व्हाट्सएप पर फोटो भेज स्कैमर्स लूट रहे लाखों रुपये, भूल कर भी न करें डाउनलोड

एक बार फोन में इंस्टॉल होने के बाद, यह मैलवेयर खुद का आइकन हटा देता है, जिससे यह डिवाइस में दिखाई नहीं देता. इसके बाद यह Google Play Protect को निष्क्रिय कर देता है, एसएमएस पढ़ने की अनुमति हासिल करता है और ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) को इंटरसेप्ट कर लेता है. इससे साइबर हमलावर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को बायपास कर यूजर के बैंक खाते से चुपचाप पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं.

कितने लोग फस चुके है इसके जाल में 

Zimperium अनुसार, यह मैलवेयर अब तक 2.5 करोड़ से अधिक डिवाइसेज से डेटा चुरा चुका है और 1.5 लाख से ज्यादा चोरी किए गए संदेशों को भी कब्जे में ले चुका है. यह लगातार विकसित हो रहा है, जिससे पारंपरिक सुरक्षा उपकरणों से इसका पता लगाना और भी मुश्किल होता जा रहा है.

खुद को ऐसे रखें सुरक्षित

  • कोई भी अनजान या गैर वेबसाइट से ऐप्स को इंस्टॉल न करें.  
  • हमेशा ऐप्स को सिर्फ आधिकारिक गूगल प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें.
  • Google Play Protect को चालू रखें, ताकि आपके फोन में ऑटोमैटिक स्कैनिंग होती रहे.
  • रीयल-टाइम प्रोटेक्शन वाले भरोसेमंद मोबाइल सिक्योरिटी ऐप का इस्तेमाल करें.
  • अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचें, खासकर WhatsApp जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर.
  • ऐप्स को परमिशन देते समय सतर्क रहें  SMS और कॉल एक्सेस जैसी संवेदनशील अनुमतियां तभी दें जब बिल्कुल जरूरी हो.

टेक्नोलॉजी की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >