400 किमी ऊपर अंतरिक्ष से कीजिए दिल्ली दर्शन, NASA ने शेयर की तस्‍वीर

Nasa ने दुनिया के चार बड़े शहरों की रात की तस्वीरें शेयर की हैं. इनमें आप भारत की राजधानी दिल्‍ली, चिली के सैंटियागो, शंघाई और मेक्सिकाे सिटी को देख सकते हैं.

New Delhi NASA Space Photo : धरती से 400 किलोमीटर ऊपर स्थित इंटरन��शनल स्पेस स्टेशन (ISS) एक तरह से अंतरिक्ष यात्रियों के लिए दूसरा घर है. पृथ्‍वी का चक्‍कर लगाते समय आईएसएस हमारे ग्रह की तस्‍वीरें खींचता है और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी समय – समय पर अपने सोशल मीडिया हैंडल्‍स पर चुनिंदा तस्‍वीरों को शेयर करती है.

नासा ने इस बार दुनिया के चार बड़े शहरों की रात के समय की तस्वीरें शेयर की हैं. इन तस्वीरों में भारत की राजधानी दिल्‍ली से लेकर चिली के सैंटियागो, शंघाई और मेक्सिकाे सिटी को देखा जा सकता है.

NASA Job: नासा लाया चांद और मंगल पर जाने का मौका, करोड़ों में सैलरी

अंतरिक्ष से खींची गई तस्‍वीरों में रात में शहर जगमगाते हुए नजर आते हैं. आइएसएस से जो तस्वीरें आयी हैं, उनमें बाकी शहरों की तुलना में हमारी दिल्‍ली ज्‍यादा चमकीली और पीले रंग की रोशनी की छटा बिखेरती नजर आ रही है. तस्‍वीर देखकर यह सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि भारत की राजधानी दिल्ली की बसावट कितनी घनी है.

इंस्‍टाग्राम हैंडल पर तस्‍वीरें शेयर करते हुए आइएसएस ने कैप्‍शन में लिखा है, अंतरिक्ष स्टेशन से देखी गई दुनियाभर के शहरों की रोशनी में ग्रिड जैसे पैटर्न, सड़कों का जाल नजर आ रहा है. एक दिन पहले शेयर की गई तस्‍वीरों को अब तक लगभग 74 हजार लाइक्‍स मिल गए हैं. सोशल मीडिया पर लोग इन तस्‍वीरों को खूब पसंद कर रहे हैं.

डॉक्टर बनना चाहते थे इसरो चीफ सोमनाथ, पिता के सुझाव पर चुनी इंजीनियरिंग की राह

ISS यानी इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन के बारे में आपको बता दें कि यह धरती से 400 किलोमीटर ऊपर लोअर-अर्थ ऑर्बिट यानी पृथ्‍वी की निचली कक्षा में स्थित है. आईएसएस लगभग 7.6 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पृथ्वी की परिक्रमा करता है और इस तरह 24 घंटों में यह 16 बार पृथ्वी के चक्‍कर लगाता है. यह जिस देश के ऊपर से गुजरता है, वहां की तस्‍वीरें लेता जाता है. इसमें रूस, अमेरिका और उनके सहयोगी देशों के एस्‍ट्रोनॉट्स की एक टीम हमेशा मौजूद होती है और अंतरिक्ष से जुड़े प्रयोग करती है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >