Mobile Phone एक्सपोर्ट होगा 50 अरब डॉलर के पार, 25 लाख हो जाएगा वर्क फोर्स

Mobile Phone Manufacturing: मेड इन इंडिया मोबाइल फोन का एक्सपोर्ट तेजी से बढ़ रहा है और आनेवाले समय में इसके 50 अरब डॉलर के पार पहुंच जाने की उम्मीद है.

Mobile Phone Manufacturing in India : केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत से मोबाइल फोन निर्यात आने वाले समय में पांच गुना से अधिक बढ़कर 50-60 अरब डॉलर हो जाएगा.

वैष्णव ने एक वित्त-प्रौद्योगिकी कार्यक्रम में शिरकत करते हुए कहा कि देश में बने मोबाइल फोन का निर्यात तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह 50-60 अरब डॉलर तक पहुंच जाने की उम्मीद है. पिछले साल लगभग 11 अरब डॉलर का मोबाइल निर्यात हुआ था. Nothing Phone 2a vs Redmi Note 13 Pro : 25 हजार के बजट में कौन है बेस्ट?

वैष्णव ने इसके साथ ही कहा कि आने वाले दिनों में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार भी 10 लाख के मौजूदा स्तर से बढ़कर 25 लाख हो जाएगा. उन्होंने कहा कि 10 साल पहले भारत 98 प्रतिशत मोबाइल फोन का आयात करता था लेकिन आज के समय में लगभग 99 प्रतिशत फोन उपकरण भारत में ही बनते हैं.

वैष्णव ने भारत की विकास गाथा पर एक प्रस्तुति साझा करते हुए कहा, पिछले साल 11 अरब डॉलर के मोबाइल फोन निर्यात किये गए थे. आने वाले दिनों में आप 50-60 अरब डॉलर का निर्यात देखेंगे. इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में कार्यरत लोगों की संख्या भी 25 लाख हो जाएगी. 75 रुपये में मिलेगी मनोरंजन की खुराक, आ रहा देश का पहला सरकारी ओटीटी मंच

उन्होंने इसके साथ ही कहा कि भारत वर्ष 2027 तक दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा जबकि 2014 में यह 11वें स्थान पर था. उन्होंने कहा कि भारत के इस समय पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था होने के समय रेलवे, राजमार्ग, हवाई अड्डे के क्षेत्रों में विशाल बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है.

पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, संचार और रेल मंत्रालय का भी दायित्व संभालने वाले वैष्णव ने कहा कि पिछले साल 5,200 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन जोड़ी गई जो स्विट्जरलैंड के समूचे रेल नेटवर्क के बराबर है.

वैष्णव ने कहा, चालू वित्त वर्ष में अब तक 4,972 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जा चुकी है. अभी मार्च का पूरा महीना बाकी है. हम इस साल 5,500 किलोमीटर की रेल लाइन जोड़ेंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >