आसमान में उड़ान भरती मेडिकल क्रांति, भारत में आ रही है eVTOL एयर एम्बुलेंस

भारत में eVTOL एयर एम्बुलेंस एक नयी क्रांति ला सकती है और हेल्थकेयर सेक्टर को पूरी तरह बदल सकती है.

सबसे पहले आप पूछेंगे कि eVTOL क्या है? eVTOL यानी Electric Vertical Take-Off and Landing एयरक्राफ्ट. एक नयी तरह की उड़ान तकनीक है, जो इलेक्ट्रिक पावर से चलती है और बिना रनवे के सीधे ऊपर उड़ान भर सकती है. ये हेलिकॉप्टर की तरह काम करते हैं, लेकिन ज्यादा सुरक्षित, तेज और पर्यावरण के लिए बेहतर हैं.

$1 बिलियन की बड़ी डील

भारत में पहली बार वर्टिकल टेक-ऑफ एयर एम्बुलेंस को लॉन्च करने की योजना बनायी जा रही है. IIT मद्रास के एक स्टार्टअप को $1 बिलियन (लगभग ₹8,300 करोड़) की फंडिंग मिली है, जिससे भारत में eVTOL टेक्नोलॉजी को बढ़ावा मिलेगा. ये एयर एम्बुलेंस दूर-दराज के इलाकों में इमरजेंसी मरीजों को तेजी से पहुंचाने के लिए बनायी जा रही हैं.

दुनिया में कुछ बड़े eVTOL उदाहरण

Honda का eVTOL हाइब्रिड टेक्नोलॉजी से लैस है और लंबी दूरी तय करने में सक्षम है. AIR का eVTOL पर्सनल फ्लाइंग कार जैसा डिजाइन रखता है, जिसे कोई भी उड़ा सकता है. United Airlines का बैटरी-पावर्ड eVTOL एयर टैक्सी के रूप में उपयोग के लिए डिजाइन किया गया है.

यह टेक्नोलॉजी क्यों जरूरी है?

यह पारंपरिक हेलिकॉप्टर की तुलना में ज्यादा पर्यावरण अनुकूल और कम शोर वाली है. आने वाले समय में eVTOLs शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या को हल कर सकते हैं. यह टेक्नोलॉजी ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिस्टिक्स और आपातकालीन सेवाओं के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती है.

ट्रांसपोर्टेशन में यह शहरों के अंदर तेज और सुरक्षित यात्रा के लिए मददगार होगी. लॉजिस्टिक्स सेक्टर में यह सामान और डिलीवरी सर्विस में तेजी लाने का काम करेगी. वहीं, आपातकालीन सेवाओं में इसे एयर एम्बुलेंस के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिल सके.

भारत में eVTOL एयर एम्बुलेंस एक नयी क्रांति ला सकती है और हेल्थकेयर सेक्टर को पूरी तरह बदल सकती है. आने वाले समय में यह टेक्नोलॉजी हर सेक्टर में इस्तेमाल की जाएगी, जिससे हमारी जिंदगी और भी आसान हो जाएगी!

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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