कौन है Matt Deitke? जिसने ठुकरा दिया Meta का 1000 करोड़ का ऑफर, Mark Zuckerberg खुद मिलने पहुंचे और…

हाल ही में 24 साल के AI रिसर्चर Matt Deitke को Meta ने 1000 करोड़ रुपये का ऑफर दिया, जिसे मैट ने ठुकरा दिया. जब ये बात मेटा के CEO Mark Zuckerberg को पता चली तो वह खुद उस लड़के से मिलने पहुंचे. इसके बाद जुकरबर्ग ने ऑफर को बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपये कर दिया. जानिए आगे क्या हुआ…

Matt Deitke: AI का महत्वा आज कितना बढ़ चूका है यह बात हमें धीरे-धीरे पता चल रही है. आज के दौर में अगर आप AI से अवगत नहीं हैं तो ऐसा समझ लीजिए आप बहुत से लोगों की तुलना में काफी पीछे हैं. दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां जैसे Meta, Google और OpenAl अब ऐसे लोगों की तलाश में जुटा है जिसे AI का इस्तेमाल काफी अच्छे से आता हो और कंपनी को नई ऊंचाई तक ले जा सके. ऐसी ही एक कहानी है 24 साल के Matt Deitke की, जिसने सबको हैरान कर दिया है. क्या है इस लड़के की कहानी आइए जानते हैं.

कौन है Matt Deitke?

Matt Deitke एक 24 साल के AI रिसर्चर हैं. वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस में PhD की पढ़ाई शुरू करने के बाद उन्होंने इसे अधूरा छोड़ दिया और सीएटल स्थित एलन इंस्टीट्यूट फॉर AI से जुड़ गए. यहां काम करते हुए उन्होंने ‘Molmo’ नामक एक एआई चैटबॉट के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके साथ ही, उनकी रिसर्च को NeurIPS 2022 में Outstanding Paper Award से सम्मानित किया गया, जो केवल चुनिंदा रिसर्चर को दिया जाता है.

क्या है पूरा मामला 

Matt Deitke की काबिलियत और उनका काम मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) की कंपनी मेटा को इतना पसंद आया कि उन्होंने मैट को ₹1000 करोड़ ($125M) की नौकरी का ऑफर दे दिया, जिसे मैट ने ठुकरा दिया. उन्होंने कहा कि वो अभी अपनी रिसर्च पर फोकस करना चाहते हैं. ऑफर ठुकराने की बात जब मार्क जुकरबर्ग को पता चली तो वह खुद उससे मिलने के लिए पहुंच गए. इसके बाद मार्क जुकरबर्ग ने मैट को समझाया और बाद में ऑफर की रकम बढ़ाकर 2200 करोड़ रुपये (करीब $250 मिलियन) कर दी. इसके बाद मैट ने यह ऑफर को हां कह दिया.

मैट ने बेहद कम उम्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च के क्षेत्र में खास पहचान बना ली है. उन्होंने यूनिवर्सिटी की पढ़ाई बीच में छोड़ दी और AI से जुड़े नए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू किया. उनकी प्रतिभा को देखते हुए Meta ने उन्हें अपनी टीम में शामिल करने के लिए यह बड़ा फैसला लिया.

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By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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