फोन खो गया तो घबराएं नहीं, लोकेशन बता देगी ये ट्रिक

फोन खोने या चोरी होने पर घबराएं नहीं. Android और iPhone में मौजूद ये सीक्रेट फीचर फोन की लोकेशन ट्रैक करने और डेटा बचाने में करता है मदद. 90% लोग नहीं जानते ये तरीका

आज के समय में स्मार्टफोन सिर्फ कॉल या चैट का जरिया नहीं है, बल्कि इसमें हमारी पर्सनल तस्वीरें, बैंकिंग ऐप्स, ऑफिस डेटा और डिजिटल पहचान तक जुड़ी होती है. ऐसे में फोन का खो जाना या चोरी हो जाना किसी बड़े झटके से कम नहीं लगता. हैरानी की बात यह है कि करीब 90 प्रतिशत लोग आज भी नहीं जानते कि उनका खोया हुआ फोन बिना किसी एक्स्ट्रा ऐप के ट्रैक किया जा सकता है. अगर समय रहते सही तरीका अपना लिया जाए, तो फोन की लोकेशन से लेकर डेटा तक सुरक्षित किया जा सकता है.

Android फोन यूजर्स के लिए काम की ट्रिक

अगर आपका एंड्रॉयड फोन खो गया है या चोरी हो गया है, तो Google का इन-बिल्ट फीचर आपकी बड़ी मदद कर सकता है. किसी दूसरे मोबाइल या लैपटॉप में अपने Google अकाउंट से लॉगिन करके “Find My Device” सर्विस का इस्तेमाल किया जा सकता है. यह फीचर फोन की मौजूदा या आखिरी लोकेशन दिखाता है. इतना ही नहीं, आप फोन को रिंग करा सकते हैं, लॉक कर सकते हैं या जरूरत पड़ने पर पूरा डेटा रिमोटलीडिलीट भी कर सकते हैं. शर्त बस इतनी है कि फोन में इंटरनेट और लोकेशन पहले से ऑन होनी चाहिए.

iPhone यूजर्स ऐसे करें फोन ट्रैक

iPhone यूज करने वालों के लिए Apple का “Find My iPhone” फीचर किसी लाइफसेवर से कम नहीं है. किसी भी ब्राउजर में iCloud वेबसाइट खोलकर AppleID से लॉगिन करें. यहां आपको मैप पर फोन की लोकेशन दिख जाएगी. अगर फोन पास में कहीं गिर गया है तो साउंड प्ले करके उसे ढूंढा जा सकता है. चोरी की स्थिति में फोन को Lost Mode में डालकर लॉक किया जा सकता है, जिससे कोई दूसरा व्यक्ति आपके डेटा तक नहीं पहुंच पाएगा.

फोन बंद हो जाए तब भी उम्मीद बाकी

बहुत से लोग मान लेते हैं कि फोन बंद हो गया तो अब कुछ नहीं हो सकता, जबकि ऐसा नहीं है. Android और iPhone दोनों ही सिस्टम में आखिरी बार ऑनलाइन रहने की लोकेशन सेव हो जाती है. इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि फोन आखिरी बार कहां इस्तेमाल हुआ था. कई मामलों में यही जानकारी पुलिस को देने पर फोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है.

पहले से करें ये सेटिंग, तभी आएगी काम

फोन ट्रैक करने की ये ट्रिक तभी काम आती है जब कुछ जरूरी सेटिंग पहले से ऑन हों. जैसे Google अकाउंट या AppleID में साइन-इन रहना, लोकेशन सर्विस चालू होना और इंटरनेट कनेक्शन एक्टिव होना. इसके अलावा स्क्रीन लॉक और मजबूत पासवर्ड या बायोमेट्रिक सिक्योरिटी भी बेहद जरूरी है, ताकि फोन गलत हाथों में जाने पर भी डेटा सुरक्षित रहे.

फोन मिले या न मिले, डेटा जरूर बचाएं

अगर फोन मिलने की उम्मीद कम लग रही हो, तो सबसे पहले रिमोट डेटा वाइप का ऑप्शन इस्तेमाल करना चाहिए. इससे आपकी बैंकिंग डिटेल, फोटो और निजी जानकारी किसी गलत इंसान तक नहीं पहुंचेगी. यही वजह है कि एक्सपर्ट्स कहते हैं- फोन से ज्यादा जरूरी उसमें मौजूद डेटा की सुरक्षा है.

यह भी पढ़ें: क्या गलत टेम्पर्ड ग्लास चूस ले रहा आपके फोन की बैटरी?

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >