Jio के 10 साल: ₹228 से ₹7.51 पर पहुंचा 1GB डेटा, मोबाइल इंटरनेट की खपत 128 गुना बढ़ी

भारत में मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल 10 साल में तेजी से बदल गया. 1 जीबी डेटा की कीमत ₹228 से घटकर ₹7.51 के करीब पहुंची, जबकि हर महीने डेटा खर्च कई गुना बढ़ गया.

भारत में मोबाइल इंटरनेट इस्तेमाल करने का तरीका पिछले 10 साल में पूरी तरह बदल गया है. कभी 1 जीबी डेटा खरीदने के लिए लोगों को 200 रुपये से ज्यादा खर्च करने पड़ते थे, लेकिन अब वही डेटा कुछ रुपये में उपलब्ध है. रिलायंस जियो के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, साल 2016 से अब तक देश में 1 जीबी मोबाइल डेटा की औसत कीमत करीब 97 प्रतिशत तक कम हो गई है. इसी दौरान लोगों की हर महीने की डेटा खपत में करीब 128 गुना का उछाल देखने को मिला है. यानी सस्ता डेटा आने के बाद सिर्फ इंटरनेट की कीमत नहीं बदली, बल्कि लोगों की डिजिटल जिंदगी भी पूरी तरह बदल गई.

10 साल पहले ₹228 का था 1GB डेटा, अब कीमत ₹7.51 के करीब

साल 2016 में भारत में 1 जीबी मोबाइल डेटा की औसत कीमत करीब ₹228 थी. अब यह घटकर लगभग ₹7.51 रह गई है. यानी एक दशक में मोबाइल डेटा की कीमत करीब 97 प्रतिशत तक कम हो चुकी है. रिलायंस जियो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के साथ ये आंकड़े साझा किये हैं.

सस्ते डेटा ने आम लोगों के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल काफी आसान बना दिया. पहले लोग डेटा बचाने के लिए वीडियो देखने, फाइल डाउनलोड करने या ऑनलाइन स्ट्रीमिंग से बचते थे. आज वीडियो, सोशल मीडिया, ऑनलाइन क्लास, डिजिटल पेमेंट और एंटरटेनमेंट जैसे काम मोबाइल इंटरनेट के जरिए रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं.

हर महीने डेटा की खपत 128 गुना बढ़ी

डेटा की कीमत घटने का सबसे बड़ा असर लोगों के इस्तेमाल पर देखने को मिला है. साल 2016 में प्रति ग्राहक औसत मासिक वायरलेस डेटा खपत 0.2 जीबी से भी कम थी. दिसंबर 2025 तक यह बढ़कर 26.7 जीबी प्रति माह पहुंच गई.

इसका मतलब है कि अब लोग मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल सिर्फ चैटिंग या साधारण ब्राउजिंग के लिए नहीं करते. हाई-क्वालिटी वीडियो, ओटीटी प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन गेमिंग, वीडियो कॉलिंग और सोशल मीडिया कंटेंट ने डेटा की जरूरत को कई गुना बढ़ा दिया है.

इंटरनेट स्पीड भी 27 गुना से ज्यादा तेज हुई

मोबाइल डेटा सस्ता होने के साथ इंटरनेट स्पीड में भी बड़ा सुधार हुआ है. आंकड़ों के मुताबिक, साल 2016 में औसत मोबाइल डाउनलोड स्पीड करीब 2.5 एमबीपीएस थी. अब यह 68 एमबीपीएस से ज्यादा पहुंच गई है.

तेज नेटवर्क की वजह से मोबाइल पर बड़े वीडियो देखना, ऑनलाइन गेम खेलना, वीडियो कॉल करना और भारी फाइल डाउनलोड करना पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया है. बेहतर स्पीड और कम कीमत के कॉम्बिनेशन ने मोबाइल इंटरनेट को आम लोगों तक तेजी से पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है.

मनोरंजन से आगे बढ़ा मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल

एक दशक पहले मोबाइल डेटा का इस्तेमाल मुख्य रूप से सोशल मीडिया और मनोरंजन के लिए किया जाता था. अब इंटरनेट लोगों के कामकाज और रोजमर्रा की जरूरतों का अहम हिस्सा बन चुका है.

आज प्रोफेशनल काम, ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल पेमेंट, सरकारी सेवाएं, बैंकिंग, वीडियो मीटिंग और जरूरी जानकारी हासिल करने के लिए लोग स्मार्टफोन और मोबाइल डेटा पर निर्भर हैं. सस्ते इंटरनेट ने छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद की है.

सस्ता स्मार्टफोन अब भी बड़ी चुनौती

डेटा की कीमत कम होने और नेटवर्क बेहतर होने के बावजूद हर व्यक्ति तक डिजिटल सेवाएं पहुंचाने के लिए सस्ते स्मार्टफोन और 4जी डिवाइस की जरूरत बनी हुई है. जियो के अधिकारी ने भी माना कि आगे डिजिटल पहुंच बढ़ाने में किफायती डिवाइस अहम भूमिका निभाएंगे.

ऐसे में सिर्फ सस्ता डेटा होना काफी नहीं है. लोगों के पास ऐसा फोन या डिवाइस भी होना चाहिए, जिससे वे इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं का आसानी से इस्तेमाल कर सकें. आने वाले समय में सस्ते 4जी और 5जी स्मार्टफोन डिजिटल इंडिया की पहुंच को और बढ़ा सकते हैं.

5 सितंबर को जियो के पूरे होंगे 10 साल

रिलायंस जियो ने 2016 में अपनी कमर्शियल सर्विस शुरू की थी और 5 सितंबर को कंपनी के व्यावसायिक परिचालन के 10 साल पूरे हो जाएंगे. इस दौरान भारतीय टेलीकॉम बाजार में डेटा की कीमतों, इंटरनेट स्पीड और डिजिटल इस्तेमाल के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिला है.

एक दशक पहले जो मोबाइल इंटरनेट सीमित लोगों और सीमित जरूरतों तक था, वह आज करोड़ों भारतीयों के लिए रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है. डेटा की कम कीमत और बढ़ती स्पीड ने भारत को दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल इंटरनेट बाजारों में शामिल करने में अहम भूमिका निभाई है.

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. भारत में 10 साल पहले 1 जीबी मोबाइल डेटा की कीमत कितनी थी?

साल 2016 में 1 जीबी मोबाइल डेटा की औसत कीमत करीब ₹228 थी, जो अब घटकर लगभग ₹7.51 रह गई है.

Q2. भारत में प्रति व्यक्ति मोबाइल डेटा की खपत कितनी बढ़ी है?

साल 2016 में औसत मासिक डेटा खपत 0.2 जीबी से भी कम थी. दिसंबर 2025 तक यह बढ़कर 26.7 जीबी प्रति ग्राहक प्रति माह पहुंच गई.

Q3. पिछले 10 साल में मोबाइल इंटरनेट स्पीड में कितना बदलाव आया है?

औसत मोबाइल डाउनलोड स्पीड करीब 2.5 एमबीपीएस से बढ़कर 68 एमबीपीएस से ज्यादा हो गई है. यानी मोबाइल इंटरनेट पहले के मुकाबले करीब 27 गुना तेज हुआ है.


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By राजीव कुमार

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