IPL को दुनिया की सबसे हाई-टेक क्रिकेट लीग माना जाता है, जहां हर मैच में दर्जनों कैमरे, एडवांस ट्रैकिंग सिस्टम और डिजिटल इनोवेशन का इस्तेमाल होता है. लेकिन इस बार IPL 2026 के शुरुआती मैचों में तीन ऐसी तकनीकी चूकें सामने आईं, जिनसे फैंस हैरान रह गए. सवाल उठने लगे कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद टेक्नोलॉजी इतनी बेसिक गलतियां कैसे कर सकती है.
IPL 2026 में सामने आये 3 बड़े टेक ग्लिच
- कैमरा फेल (भूतिया बाउंड्री)
RCB और SRH के बीच ओपनिंग मैच में फिल सॉल्ट ने हेनरिक क्लासेन का कैच बाउंड्री के पास पकड़ा. कैच के दौरान बाउंड्री लाइन पर फील्डिंग का सटीक फैसला नहीं हो सका. 4K कैमरे होने के बावजूद यह कन्फर्म नहीं हो पाया कि पैर लाइन को छू रहा था या नहीं, जिससे सोशल मीडिया पर विवाद हुआ.
- DRS में देरी
KKR और MI के मैच में अंगकृष रघुवंशी के खिलाफ LBW रिव्यू में, हॉक-आई (Hawk-Eye) टेक्नोलॉजी को बॉल-ट्रैकिंग विजुअल लोड करने में लगभग 90 सेकंड लगे, जो सामान्य समय से दोगुना है. इस देरी ने फैंस को नाराज कर दिया और सोशल मीडिया पर DRS की विश्वसनीयता पर बहस छिड़ गई.
- ओपनिंग सेरेमनी में ड्रोन और लेजर शो पर सवाल
इस बार ओपनिंग सेरेमनी में लेजर और ड्रोन शो का आयोजन किया गया. हालांकि इसमें तकनीकी खराबी नहीं हुई, लेकिन टेक्नोलॉजी के प्रभावी इस्तेमाल की कमी की वजह से वे दर्शकों को उतना प्रभावित नहीं कर पाए, जैसी उम्मीद की जा रही थी.
टेक्नोलॉजी पर भरोसा क्यों डगमगाया
IPL हमेशा से हाई-टेक फैसलों के लिए जाना जाता है, लेकिन शुरुआती मैचों में हुई इन गलतियों ने फैंस का भरोसा हिला दिया. क्रिकेट में टेक्नोलॉजी का मकसद विवाद खत्म करना है, लेकिन जब वही टेक विवाद पैदा करे तो सवाल उठना लाजिमी है.
यह भी पढ़ें: IPL 2026 में AI और टेक्नोलॉजी से बदलेगा क्रिकेट का रोमांच, कमाल की तैयारी
यह भी पढ़ें: IPL 2026: मोबाइल पर ऐसे देखें मैच की लाइव स्ट्रीमिंग
